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एमडीआर टीबी मरीज की पोषण राशि में सेंध, बिहार के युवक के खाते में पहुंचा पैसा

Published: Thu, 20 Aug 2026 10:28 AM (IST)

धनबाद में एक 21 वर्षीय एमडीआर टीबी मरीज युवती की पोषण राशि बिहार के एक युवक के खाते में चली गई, जिससे टीबी उन्मूलन अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।

धनबाद में टीबी मरीजों की पोषण राशि भुगतान में गड़बड़ी। (प्रतीकात्मक फोटो)

धनबाद में टीबी मरीजों की पोषण राशि भुगतान में गड़बड़ी। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. टीबी मरीज की पोषण राशि बिहार के खाते में गई।

  2. 9 महीने से नहीं मिली कल्चर रिपोर्ट, दवा भी नहीं।

  3. धनबाद में टीबी उन्मूलन अभियान पर उठे सवाल।

डा. मोहन गोप, धनबाद। धनबाद में टीबी उन्मूलन अभियान की व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है। झरिया के भौंरा स्थित गौरखूंटी की रहने वाली 21 वर्षीय एमडीआर टीबी मरीज युवती के नाम से मिलने वाली पोषण राशि बिहार के एक युवक के खाते में चली गई।

मरीज पोषण राशि के इंतजार में थी, लेकिन गबन का मामला तब पता चला, जब उसके मोबाइल पर राशि भुगतान का मैसेज आया। राशि नहीं मिलने से युवती और उसके स्वजन परेशान हैं।

युवती के पिता ने पोषण राशि व एमडीआर के मरीजों को समय पर दवा नहीं देने के लिए विभाग पर कई आरोप लगाए हैं। मरीज की एकाउंट की जगह आखिर बाहर के व्यक्ति के पास पैसा कैसे चला गया, यह जांच का विषय है। 

पोषण के लिए मिलती है राशि

टीबी मरीजों को इलाज के दौरान बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार की ओर से निक्षय पोषण योजना के तहत प्रति माह 1000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। युवती ने बताया कि उसके नाम से मिलने वाली राशि उसके खाते में पहुंचने के बजाय चकई (जमुई) बिहार के एक युवक के खाते में चली गई।

इसकी जानकारी विभाग के कर्मियों ने ही दी। जिस व्यक्ति को राशि मिली, उसका नाम सोनू राय बताया गया। जब हो हल्ला किया जाने लगा, तो विभाग के कर्मियों ने 3 फरवरी 2026 को नया आई डी बना दिया गया। टीबी विभाग के कर्मियों ने कहा कि हल्ला नहीं करना है, राशि उसके खाते में चला जाएगा। लेकिन 8-9 माह बाद भी राशि नहीं मिली। 

16 अप्रैल 2025 को शुरू हुई दवा

मरीज ने बताया कि 16 अप्रैल 2025 को एमडीआर टीबी की दवा शुरू की गई थी। उसके साथ घर के कई लोग भी रहते थे, उन्हें संक्रमण नहीं हो, इसके लिए कल्चर जांच के लिए एसएनएमएमसीएच में सैंपल दिया।

दस दिनों के बाद बुलाया गया, जब वह रिपोर्ट लेने के लिए गई, तो रिपोर्ट नहीं दिया गया। बाद में आने को बोला गया, कई बार गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। युवती ने बताया कि सैंपल देने के करीब नौ महीने बाद भी उसे कल्चर रिपोर्ट नहीं दी गई है।

रिपोर्ट के लिए युवती लगातार अस्पताल और संबंधित स्वास्थ्य विभाग का चक्कर लगा रही है। मरीज ने कहा कि दवा भी समय पर उपलब्ध नहीं करायी जा रही है।

कई मरीज लगा रहे गड़बड़ी के आरोप

धनबाद में टीबी के करीब 3400 मरीज हैं, जिनमें लगभग 110 मरीज एमडीआर टीबी से पीड़ित हैं। ऐसे में मरीजों को समय पर दवा, जांच रिपोर्ट और सरकारी सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

विभाग में राशि में गड़बड़ी, समय पर भुगतान नहीं होना, दवा की कमी को लेकर हर दिन मरीज आकर यहां शिकायत कर रहे हैं। ऐसे में जांच होने पर बड़ा मामला सामने आ सकता है।

मामला गंभीर है, इसकी जानकारी संबंधित पदाधिकारी से ली जा रही है। मामले की जांच कराई जाएगी। मरीज से भी जानकारी ली जा रही है।

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डा. आलोक विश्वकर्मा, सीएस, धनबाद