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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dhanbad News: धनबाद में गाय की तस्करी के लिए प्रत्येक 1 KM पर 1.55 लाख का खर्च, 5100 रुपये का चढ़ावा चढ़ाते तस्कर

    Updated: Sat, 29 Mar 2025 07:03 PM (IST)

    धनबाद के जीटी रोड़ पर गोस्तकरी के अवैध कारोबार में पैसों का जबरदस्त खेल खेला जा रहा है। तोपचांची से लेकर मैथन के बांगाल बार्डर तक 70 किलोमीटर की दूरी ...और पढ़ें

    धनबाद में गाय की तस्करी को लेकर बड़ा खुलासा (जागरण)
    धनबाद में गाय की तस्करी को लेकर बड़ा खुलासा (जागरण)

    HighLights

    1. धनबाद जिले के तोपचांची सीमा से मैथन के बांगाल बार्डर तक 70 किमी दूरी
    2. प्रत्येक दिन एक किलोमीटर पर 5100 रुपये का चढ़ावा चढ़ाते तस्कर
    3. धनबाद और गिरिडीह जिला के सीमा पर पकड़ाया गोवंश लदा कंटेनर

    जागरण संवाददाता, धनबाद। Dhanbad News: धनबाद के जीटी रोड़ पर होने वाले गोस्तकरी के अवैध कारोबार में पैसों का जबरदस्त खेल खेला जाता है। धनबाद जिला के तोपचांची से लेकर मैथन के बांगाल बार्डर तक 70 किलो मीटर की दूरी है और इसके लिए तस्कर 1.55 लाख रुपये प्रति किमी प्रत्येक माह का भुगतान करते हैं।

    यानी हर दिन एक किलोमीटर पर 5100 रुपये का खर्च। कुल मिलाकर गोस्तकरी के लिए प्रत्येक माह 1.08 करोड़ रुपये इस रूट से जुड़े उन व्यक्तियों को दिया जाता है जो इस धंधे के लिए रूकावट बन सकते हैं।

    मुलाजिमों को इतनी राशि का होता भुगतान

    जीटी रोड़ पर भुगतान दो तरीकों से होता है। पहला माहवार या फिर दैनिक। महावार भुगतान में बड़े मुलाजिम हैं, जबकि दैनिक भुगतान पाने वालों में वे लोग जो सड़क पर तैनात रहते हैं। यह भुगतान इलाके के क्षेत्रफल पर निर्भर है।

    इसमें हरिहरपुर थाना का मधूपुर बाजार से चलकरी मोड़ तक 2.5 लाख रुपये, तोपचांची के चलकरी मोड़ से दयाबाद पहाड़ पुल तक तील लाख, राजगंज के महतोटांड पुल से खरनी मोड़ ओवरब्रीज तक 2.5 लाख, बरवाअड्डा के खरनी ओवरब्रीज से भीतिया कांड्रा तक तीन लाख, गोविंदपुर के कांड्रा से बरवा पूर्व तक चार लाख, नरिसा के बरवापूर्व से लेकर मुग्मा एरिया आफिस तक पांच लाख, गलफरबाड़ी ओपी के मुग्मा एरिया आफिस के बाद से लेकर महुलबना बस्ती तक 2.5 लाख, और मैथन ओपी के महुलबना बस्ती से बंगाल बार्डर तक पांच लाख रुपये का खर्च आता है।

    जबकि निरसा क्षेत्र के बड़े मुलाजिमों पर 6.5 लाख का खर्च है। इसके अलावा पशु क्रुरता न हो के नाम पर वाहनों को रोकने वालों को एक माह के लिए 22 लाख से अधिक का भुगतान किया जाता है।

    साथ ही इन सब के उपर वालों को मैनेज करने के लिए 40 लाख रुपये दिए जाते हैं। इतना ही नहीं अन्य खर्चो में वैसे लोग जो जीटी रोड़ पर तैनात रहते हैं उन्हें प्रत्येक वाहन के लिए 300 रुपये निर्धारित किया गया है। कुछ अन्य लोग भी हैं जिन्हें माहवार राशि निर्धारित की गई है।

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    औसतन प्रत्येक दिन 15 गाड़ियां निकलती हैं

    गोस्तकरी के लिए वैसे गाड़ियों की कोई संख्या निर्धारित नहीं है। कंटेनर, डाला ट्रक, पिकअप समेत अन्य वाहनों का उपयोग तस्करी के लिए किया जाता है। मवेशियों की संख्या के आधार पर वाहनों की संख्या तय की जाती है। एक अनुमान के मुताबिक औसतन 15 गाड़ियां मवेशियों को लेकर प्रत्येक दिन यहां से गुजरती हैं।

    धनबाद-गिरिडीह सीमा पर पकड़ाया कंटेनर

    शुक्रवार की अहले सुबह धनबाद और गिरिडीह सीमा पर एक गोवंश लदे कंटेनर ट्रक को पकड़ा गया है। कंटेनर में मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर भर गया था। कंटेनर पर डाक पार्सल लिखा हुआ है। मामले को लेकर गिरिडीह जिला के निमियाघाट थाना पुलिस ने प्राथमिकी की है। हालांकि इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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