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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: इस अस्पताल में मिलेगी ये खास सुविधा, लाखों रुपये से किया जा रहा तैयार; डेडलाइन तय

    Updated: Sat, 13 Apr 2024 02:05 PM (IST)

    Jharkhand News भारतीय पुरातन चिकित्सा पद्धति को फिर से बढ़ावा दिया जा रहा है। भारतीय अब आयुर्वेद की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इसमें धनबाद के लोग ...और पढ़ें

    Jharkhand News: इस अस्पताल में मिलेगी ये खास सुविधा, लाखों रुपये से किया जा रहा तैयार (फाइल फोटो)
    Jharkhand News: इस अस्पताल में मिलेगी ये खास सुविधा, लाखों रुपये से किया जा रहा तैयार (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. सदर अस्पताल परिसर में तैयार किया जा रहा पंचक्रम केंद्र
    2. योग प्रशिक्षक लोगों को निशुल्क देंगे पंचकर्म चिकित्सा सेवा

    जागरण संवाददाता, धनबाद। भारतीय पुरातन चिकित्सा पद्धति के दिन फिर लौट रहे हैं। एलोपैथिक की दवा के दुष्परिणाम के कारण लोग अब आयुर्वेद की तरफ तेजी से रुक कर रहे हैं। ऐसे में धनबादवासियों के लिए राहत भरी खबर है। धनबाद के लोगों को जिला आयुष विभाग की ओर से निशुल्क पंचकर्म चिकित्सकीय सेवा का लाभ मिलेगा।

    सदर अस्पताल परिसर में भवन प्रमंडल विभाग ने केंद्र का निर्माण शुरू कर दिया है। लगभग 55 लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण तीन महीने में पूरा कर लिया जाएगा।

    जिला आयुष पदाधिकारी डॉक्टर कुमकुम ने बताया पंचकर्म केंद्र में पुरातन चिकित्सकीय पद्धति से कई गंभीर बीमारियों को दूर किया जा सकता है। इसके लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति की जा रही है। यहां आने वाले मरीजों को पुरातन चिकित्सा पद्धति से बीमारियों से ठीक किया जाएगा। आयुर्वेद के प्रति लोगों में तेजी से रुझान बढ़ रहे हैं।

    क्या है पंचकर्म सेवा

    पंचकर्म चिकित्सा पद्धति फिलहाल देश और दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का ही एक भाग है। इसमें शुद्धीकरण एवं मद्यहरण उपचार किया जाता है। पंचकर्म असल में पांच विभिन्न चिकित्सा पद्धति का मिश्रण है। इस चिकित्सा पद्धति को अपनाकर शरीर की बीमारियां एवं कुपोषण द्वारा छोड़े गए विषैले पदार्थों से निर्मल करने के लिए होता है।

    जिला आयुष पदाधिकारी डॉ कुमकुम बताती है कि असंतुलित दोष अपशिष्ट पदार्थ उत्पन्न करता है जिसे अम कहा जाता है। यह दुर्गंधयुक्त, चिपचिपा, हानिकारक पदार्थ होता है। अम कई बीमारियों जड़ होती है। शरीर में इसे कम करने के लिए संतुलित जीवन शैली, भोजन में परिवर्तन आदि अपनाने की सलाह दी जाती है। पंचकर्म की कई शाखाएं हैं।

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    निकलेगी बहाली, हर दिन मिलेगा लाभ- डॉ. कुमकुम

    डॉ. कुमकुम ने बताया कि जल्द इसके लिए बहाली निकल जाएगी। हर दिन पंचकर्म चिकित्सा सेवा का लाभ लोगों को दिया जाएगा। इलाज के साथ मरीजों को संतुलित आहार लेने, दिनचर्या को दुरुस्त करने समेत अन्य जानकारी दी जाएगी। इसके लिए पूरे जिले में प्रचार प्रसार किया जाएगा, इसकी भी तैयारी हो रही है।

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