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    वासेपुर में साइबर कैफे पर कार्रवाई, SIR फार्म भरने में अनधिकृत हस्तक्षेप पर एसडीएम ने दी चेतावनी

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 09:00 PM (GMT+05:30)

    SIR: धनबाद के वासेपुर में पैसे लेकर एसआईआर फॉर्म भरने वाले एक साइबर कैफे को एसडीएम लोकेश बारंगे ने सील कर दिया। ...और पढ़ें

    SIR फार्म भरने में गड़बड़ी की शिकायत के बाद वासेपुर स्थित आधार सेंटर की जांच करते एसडीएम लोकेश बारंगे। साथ में मौजूद अधिकारी और स्थानीय लोग। (फोटो जागरण)

    SIR फार्म भरने में गड़बड़ी की शिकायत के बाद वासेपुर स्थित आधार सेंटर की जांच करते एसडीएम लोकेश बारंगे। साथ में मौजूद अधिकारी और स्थानीय लोग। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. वासेपुर में पैसे लेकर एसआईआर फॉर्म भरने वाला कैफे सील।

    2. एसडीएम लोकेश बारंगे ने की औचक जांच और कार्रवाई।

    3. मतदाताओं से अधिकृत अधिकारियों से ही सहायता लेने की अपील।

    संवाद सहयोगी, वासेपुर (धनबाद)। धनबाद के एसडीएम लोकेश बारंगे ने गुरुवार को वासेपुर स्थित एक साइबर कैफे को सील कर दिया, जहां पैसे लेकर एसआईआर का गणना प्रपत्र भरा जा रहा था। यह कार्रवाई नूरी मस्जिद के निकट मुख्य सड़क पर चल रहे साइबर कैफे के खिलाफ की गई, जिसके बारे में शिकायत मिली थी।

    एसडीएम ने पुलिस बल के साथ मिलकर जांच की, जिसमें यह बात सही पाई गई कि साइबर कैफे संचालक पैसे लेकर फार्म भर रहे थे। इस दौरान साइबर कैफे के मालिक जैद खान मौके पर नहीं थे, जबकि कुछ आपरेटर काम कर रहे थे। प्रशासन ने मौके से कंप्यूटर भी जब्त किया।

    इसके बाद, एसडीएम ने एक अन्य साइबर कैफे 'रूशान कम्युनिकेशन' का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान संचालक को सख्त चेतावनी दी गई कि एसआईआर फार्म भरने में मतदाता केवल बीएलओ, बीएलए 2, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी की सहायता ले सकते हैं। किसी भी साइबर कैफे संचालक या अन्य व्यक्तियों का इसमें हस्तक्षेप अनधिकृत है। 

    एसडीएम ने आम जनता और विशेषकर मतदाताओं से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फार्म को भरने के लिए किसी भी निजी या अनधिकृत साइबर कैफे की सेवाएं न लें। मतदाता फार्म को जमा करने या सुधार के लिए केवल बूथ लेवल आफिसर, बूथ लेवल एजेंट-2, सुपरवाइजर और वालेंटियर्स की सहायता लें, ताकि उनकी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रहे और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे। 

    उन्होंने चेतावनी दी कि पैसे लेकर एसआईआर का फार्म भरने वाले साइबर कैफे संचालक सही जानकारी भरने की कोई गारंटी नहीं दे सकते। चुनाव कार्य का व्यवसायीकरण और उसमें हस्तक्षेप करना एक अपराध है। ऐसे अनधिकृत कार्यों में लिप्त पाए जाने वाले साइबर कैफे और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    आगे भी इसी तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। निरीक्षण के दौरान एनडीसी दीपक कुमार दुबे, नगर निगम के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह और एसडीएम कार्यालय के विनोद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।