भटिंडा फॉल में जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, भतीजे को बचाने उतरे चाचा की भी डूबने से मौत
धनबाद के भटिंडा फॉल में जन्मदिन मनाने गए चाचा-भतीजे की डूबने से मौत हो गई, जिससे खुशियां मातम में बदल गईं।

चाचा-भतीजे के डूबने की सूचना के बाद भटिंडा फाल के तट पर जुटे लोग और पुलिस। (फोटो जागरण)
HighLights
जन्मदिन मनाने गए चाचा-भतीजे की भटिंडा फॉल में डूबकर मौत।
भतीजे आयुष को बचाने के प्रयास में चाचा प्रजीत भी डूबे।
भटिंडा फॉल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल।
संवाद सहयोगी, पुटकी/कतरास (धनबाद)। धनबाद जिले के मुनीडीह ओपी क्षेत्र के भटिंडा फाल में मंगलवार को सिजुआ के मोदीडीह बस्ती से जन्मदिन मनाने पहुंचे चाचा-भतीजे की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद जन्मदिन की खुशियां मातम में बदल गईं।

घटना की सूचना पाते ही मुनीडीह ओपी की पुलिस मौके पर पहुंची। इधर सूचना पाते ही सिजुआ इलाके में मातम पसर गया। एक घर में दो युवकों की मौत से खबर पाकर मोदीडीह बस्ती स्थित आवास के सामने भीड़ उमड़ पड़ी। उनके स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
जोगता थाना क्षेत्र के मोदीडीह बस्ती निवासी 38 वर्षीय प्रजीत कुमार पांडेय अपने 17 वर्षीय भतीजा आयुष पांडेय और तीन दोस्तों के साथ दोपहर करीब दो बजे दो बाइक पर सवार होकर भटिंडा फाल पहुंचे थे। आयुष का जन्मदिन मनाने के लिए सभी वहां पहुंचे थे।
आयुष सिजुआ स्थित शहीद शक्तिनाथ महतो मेमोरियल इंटर कालेज में इंटर विज्ञान संकाय का छात्र था। आयुष के साथ आए उसके मित्र अधिराज कुमार दास, लोकबाद कुर्मीटांड़, धीरज कुमार दास, लोयाबाद पावर हाउस शिव मंदिर के समीप तथा अंशु कुमार, श्रीनगर पुटकी ने बताया कि वे पांचों दो बाइक से आयुष का जन्मदिन मनाने भटिंडा फाल पहुंचे थे।
सभी लोग ऊपर में जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे। तभी आयुष फोटो लेने के लिए नीचे पानी के पास चला गया। दोस्तों के अनुसार अचानक आयुष के चीखने की आवाज सुनाई दी। जिसे सुनकर उसके चाचा प्रजीत कुमार पांडेय उसे बचाने के लिए नीचे पानी में उतर गये।
आयुष को बचाने के प्रयास में दोनों तेज बहाव की चपेट में आ गए। देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में डूब गए। दोस्तों ने तत्काल इसकी सूचना आस पास के लोगों को दी।
एक घंटे की मशक्कत के बाद मिले शव
घटना की सूचना मिलते ही भटिंडा फाल के गोताखोरों ने दोनों की तलाश शुरू कर दी। गोताखोर विश्वनाथ बाउरी, मुकेश महतो, लालू महतो, बबली बाउरी और सुबोध महतो ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव को पानी से बाहर निकाला।
जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर दाेनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं से उठ रहे सुरक्षा पर सवाल
भटिंडा फाल में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। पिछले दो सप्ताह में यहां कई हादसे हो चुके हैं। 31 जुलाई को सरिया से आए एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।
एक अगस्त को पश्चिम बंगाल से आए एक परिवार के सदस्य पानी में डूबने लगे थे, जिन्हें सुरक्षा प्रहरी नितेश महतो एवं एक अन्य की तत्परता से बचा लिया गया था।
वहीं नौ अगस्त को बोकारो से आए पांच युवक भी पानी में डूबने लगे थे, जिन्हें स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला इसके अलावा करीब आधा दर्जन युवकों को स्थानीय गोताखोरों ने डूबने से बचाया है।
बैठक के बाद भी नहीं थम रहे हादसे
लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए एक अगस्त को भटिंडा फाल में संचालित समिति के सदस्यों के साथ पुटकी सीओ विकास आनंद, मुनीडीह ओपी प्रभारी मनीता कुमारी एवं स्थानीय लोगों की बैठक हुई थी।
जिसमें पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई थी। जिसके बावजूद मंगलवार को एक बार फिर दो लोगों की जान चली गई।
सुरक्षा बोर्ड और गार्ड की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि भटिंडा फाल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। यहां चेतावनी व सुरक्षा संबंधी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं और सुरक्षा गार्ड भी हमेशा तैनात नहीं रहते हैं।
कई पर्यटक पानी के तेज बहाव वाले खतरनाक स्थानों पर जाने से मना करने के बावजूद फोटो खींचने के लिए चले जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा बोर्ड लगाने, स्थायी सुरक्षा गार्ड की तैनाती और तेज बहाव वाले क्षेत्र में पर्यटकों के जाने पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
मोदीडीह बस्ती में पसरा मातम, स्वजन का रो रोकर बुरा हाल
सिजुआ इलाके का पुजारी स्व. कमला पांडेय के पुत्र प्राजीत पांडेय व पोता आयुष कुमार पांडेय की मौत की खबर से पूरा माहौल गम में बदल गया। इस हृ़दयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। उनके घर पर महिला पुरुषों की भीड़ जुट गई।
स्वजन ने बताया कि सुबह आयुष शक्ति कालेज पढ़ने निकला था। जन्मदिन मनाने को लेकर अपने चाचा प्रजीत को भी बुलाया था। आयुष इलाके पुरोहित अजीत पांडेय का बड़ा बेटा था। अजीत व प्रजीत दोनों दूसरे के घरों में पूजा कर जीवका चलाया करते थे।
