इंसानों से पहले पेड़ों को बांधी राखी, धनबाद के तोपचांची में महिलाओं ने लिया हरियाली बचाने का संकल्प
धनबाद के तोपचांची झील क्षेत्र में महिलाओं ने रक्षाबंधन से एक दिन पहले पेड़ों को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का ...और पढ़ें

तोपचांची झील वन क्षेत्र में पेड़ों को राखी बांधतीं महिलाएं।(फोटो जागरण)
HighLights
तोपचांची में महिलाओं ने पेड़ों को राखी बांधकर सुरक्षा का संकल्प लिया।
वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं, इनकी रक्षा सबका दायित्व।
संवाद सूत्र, तोपचांची (धनबाद)। शुक्रवार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को तोपचांची झील क्षेत्र में पेड़ों को बचाने के लिए रक्षाबंधन मनाया गया। महिलाओं ने पेड़ों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।
तोपचांची झील क्षेत्र में वन विभाग और ग्रामीणों ने अनूठी पहल करते हुए पेड़ों को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने पेड़ों पर राखी बांधी और उनकी सुरक्षा व संरक्षण का संकल्प लिया।
प्रभारी वनपाल सुबोध कुमार मंडल ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं। इनकी रक्षा और संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। रक्षाबंधन जैसे पर्व के माध्यम से पेड़ों के प्रति प्रेम और उनके संरक्षण का संदेश देना पर्यावरण जागरूकता की दिशा में सार्थक पहल है।
ग्रामीणों ने पेड़ों की कटाई रोकने, हरियाली बचाने तथा आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। लोगों ने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण को संतुलित रखने में ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को स्वच्छ हवा और अनेक आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पेड़ों को राखी बांधकर ग्रामीणों ने प्रकृति के साथ अपने भावनात्मक रिश्ते को मजबूत करने का संदेश दिया। मौके पर रीता कुमारी, गीता देवी, गिरजा शंकर, प्रीतम कुमार, बैद्यनाथ महतो, द्वारिका महतो, राजू महतो आदि मौजूद थे।
