दुमका-रांची एक्सप्रेस में ताश खेलने के लिए सीट नहीं मिलने पर रेल कर्मचारियों ने काटा बवाल, यात्रियों पर हमला
Netaji Subhas Chandra Bose Gomoh Railway Station पर दुमका-रांची एक्सप्रेस में सीट को लेकर हुए विवाद में कथित रेलकर्मियों ने एक परिवार की बेरहमी से पिट ...और पढ़ें

गोमो रेलवे स्टेशन और घायल शुभम पांडेय।(फोटो जागरण)।
HighLights
गोमो स्टेशन पर सीट विवाद में मारपीट।
कथित रेलकर्मियों ने परिवार को बेरहमी से पीटा।
तीन सदस्य घायल, एक का सिर फटा।
संवाद सहयोगी, गोमो (धनबाद)। NSC Bose Gomoh Railway Station गोमो रेलवे स्टेशन पर उस समय रणक्षेत्र जैसा माहौल बन गया, जब एक यात्री अपने पूरे परिवार के साथ विद्यासागर से चंद्रपुरा जा रहा था। दुमका-रांची एक्सप्रेस के धनबाद पहुंचने पर सीट पर बैठने को लेकर कुछ लोगों और यात्री के बीच पहले तू-तू, मैं-मैं हुई। इसके बाद ट्रेन के गोमो स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर पहुंचते ही उन लोगों ने समूह बनाकर यात्री और उसके परिवार की जमकर पिटाई कर दी।
इस घटना में 30 वर्षीय शिवव्रत पांडेय, उनकी 25 वर्षीय पत्नी जानवी कुमारी तथा शिवव्रत के 16 वर्षीय भांजे शुभम पांडेय का सिर फट गया। आरपीएफ के एएसआई विनोद सिंह मौके पर पहुंचे, तब तक सभी आरोपित फरार हो चुके थे। रेल थाना पुलिस ने तीनों घायलों को इलाज के लिए रेल अस्पताल भेजा।
यात्रियों ने बताया कि रेल अस्पताल में उन्हें उपचार नहीं मिला, जिसके बाद रेल पुलिस की देखरेख में 108 एंबुलेंस से उन्हें तोपचांची के साहूबहियार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया गया। भुक्तभोगी यात्री शिवव्रत पांडेय ने रेल थाना में मारपीट की लिखित शिकायत देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिवव्रत पांडेय ने बताया कि वे सोमवार सुबह अपने छह वर्षीय पुत्र हार्दिक पांडेय का जन्मदिन मनाने के लिए पत्नी जानवी कुमारी, बहन ममता कुमारी, भांजे शुभम पांडेय, भांजी सिया कुमारी तथा तीन वर्षीय पुत्री हर्षिका कुमारी के साथ बड़ी बहन के घर फुसरो जा रहे थे। सभी को चंद्रपुरा उतरना था।
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उन्होंने बताया कि धनबाद स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही वे पानी लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरे थे। जब पानी लेकर वापस ट्रेन में आए तो देखा कि उनकी पत्नी और भांजे के साथ सीट को लेकर कई लोग झगड़ा कर रहे हैं। विरोध करने पर वे लोग उनसे भी उलझ गए।
ट्रेन के गोमो पहुंचते ही सभी लोग मारपीट पर उतारू हो गए। एक व्यक्ति ने छाते से वार कर उनके भांजे का सिर फोड़ दिया। शिवव्रत के सिर, गर्दन और पेट में अंदरूनी चोटें आई हैं, जबकि उनकी पत्नी जानवी कुमारी की कनपटी के पास चोट लगी है।
जानवी कुमारी ने बताया कि मारपीट करने वाले लोग सीट पर बैठे उनके बच्चे को जबरन उठाने लगे। उन्होंने कहा, उठो, हम लोग यहां बैठकर ताश खेलेंगे। नहीं उठोगे तो ठीक नहीं होगा। इसके बाद सभी लोग झगड़ा करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी लोग खुद को रेलकर्मी बता रहे थे। इस घटना से उनका पूरा परिवार काफी आहत है।
प्लेटफॉर्म पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि मारपीट करने वाले अधिकांश लोग गोमो लोको शेड के रेलकर्मी थे। वे प्रतिदिन धनबाद से गोमो शेड में ड्यूटी करने के लिए दुमका-रांची एक्सप्रेस से आते हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की मारपीट की घटनाएं उक्त ट्रेन में पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन रेल अधिकारी इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
लोगों ने कहा कि नियम के अनुसार कर्मियों को जहां ड्यूटी है, वहीं रहकर कार्य करना चाहिए। हालांकि मारपीट की पूरी घटना प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
जानवी कुमारी ने कहा, मारपीट के दौरान मेरे दोनों छोटे-छोटे बच्चे हाथ जोड़कर लोगों से विनती करते रहे कि मेरे पापा को इतना मत मारो। इसके बावजूद किसी ने रहम नहीं किया। लोग उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं थे। प्लेटफॉर्म पर खड़े अन्य यात्रियों से गिड़गिड़ाने के बाद किसी तरह उन्हें छुड़ाया जा सका। यदि लोग बीच-बचाव नहीं करते तो मेरे पति की जान भी जा सकती थी।
भुक्तभोगी यात्री की लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। सीसीटीवी कैमरे में कैद फुटेज के आधार पर मारपीट करने वालों की पहचान की जा रही है। पहचान होने पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-नाथु प्रसाद, प्रभारी थानेदार, रेल थाना गोमो।