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डीवीसी का मैथन-पंचेत डैम जल प्रबंधन: बाढ़ नियंत्रण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और समन्वय

Published: Fri, 04 Sep 2026 11:49 PM (IST)

डीवीसी मैथन और पंचेत डैम से पानी छोड़ने के लिए केंद्रीय जल आयोग तथा झारखंड-पश्चिम बंगाल सरकारों के सिंचाई विभागों ...और पढ़ें

मैथन डैम से बाहर निकलता पानी। (फाइल फोटो)

मैथन डैम से बाहर निकलता पानी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. डीवीसी ने बाढ़ नियंत्रण हेतु वैज्ञानिक जल निकासी व्यवस्था बनाई।

  2. मैथन-पंचेत डैम से पानी छोड़ने में बेहतर समन्वय स्थापित।

  3. झारखंड-बंगाल सरकारों के सिंचाई विभागों से मिलकर काम।

संस, मैथन। मैथन और पंचेत डैम में भारी जलजमाव के बाद जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण को लेकर डीवीसी ने केंद्रीय जल आयोग तथा झारखंड-पश्चिम बंगाल सरकार के सिंचाई विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम किया। इसका उद्देश्य डैम के ऊपरी और निचले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के साथ जलाशयों से पानी की निकासी को व्यवस्थित रखना है।

डीवीसी के जनसंपर्क अधिकारी रवि कुमार सिन्हा ने बताया कि इसके लिए डीवीआरआरसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह डीवीसी, पश्चिम बंगाल सरकार और झारखंड सरकार के सिंचाई विभागों का संयुक्त संस्थागत निकाय है।

डीवीआरआरसी द्वारा मौसम, वर्षा और जलाशयों की जलधारण क्षमता से संबंधित आंकड़ों का नियमित संग्रह और विश्लेषण किया जाता है। इसके आधार पर मैथन और पंचेत डैम से पानी छोड़ने का वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाता है।

उन्होंने बताया कि दोनों जलाशयों से पानी छोड़ने की मात्रा इस प्रकार निर्धारित की जाती है कि भारी वर्षा के दौरान ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र और मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा कम रहे तथा जलाशयों में पर्याप्त जलधारण क्षमता बनी रहे। इस समन्वित व्यवस्था से जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है।