Ranjay Singh Murder Case: 9 साल बाद धनबाद कोर्ट का बड़ा फैसला, हर्ष सिंह और मामा बरी
Ranjay Singh Murder Case: धनबाद की अदालत ने बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में 9 साल बाद फैसला सुनाया है। जिला ...और पढ़ें

रंजय सिंह, हर्ष सिंह और संजीव सिंह। (फाइल फोटो)
HighLights
रंजय सिंह हत्याकांड में 9 साल बाद आया फैसला।
हर्ष सिंह और नंद किशोर सिंह उर्फ मामा बरी।
अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी किया।
जागरण संवाददाता, धनबाद। Ranjay Singh Murder Case verdict: धनबाद के मेयर संजीव सिंह के खासमखास राजीव रंजन सिंह उर्फ रंजय सिंह की हत्या के बाद 9 वर्षों तक चली लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया। धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चन्द्र अवस्थी की अदालत ने मामले के आरोपी हर्ष सिंह व नंद किशोर सिंह उर्फ मामा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता समर श्रीवास्तव, आयुष श्रीवास्तव और सिद्धार्थ शर्मा ने पैरवी की। अदालत का फैसला धनबाद के मेयर संजीव सिंह के लिए झटका तो झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर हर्ष सिंह के लिए बड़ी राहत है।
बिग बाजार के समीप हुई थी हत्या
रंजय सिंह उर्फ राजीव रंजन सिंह की हत्या धनबाद के बिग बाजार के सामने चाणक्य नगर मोड़ पर 29 जनवरी 2017 को संध्या करीब 5ः 30 बजे रामेश्वर तिवारी के घर के समीप गोली मारकर कर दी गई थी। रंजय के साथ स्कूटी पर बैठा हुआ राजा यादव इस गोलीबारी में बाल-बाल बचा था।

रंजय चाणक्य नगर स्थित अपने फ्लैट से दूध का बर्तन लेकर सिंह मैंसन की ओर जा रहा था कि पहले से घात लगाए बैठे बाईक सवार दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ रंजय पर फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी थी। आनन-फानन में रंजय को सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया था। जहां डॉक्टरों ने रंजय को मृत घोषित कर दिया था।
संजीव सिंह के थे नजदीकी
रंजय सिंह झरिया के तत्कालीन विधायक संजीव सिंह (अब धनबाद के मेयर) के खासमखास थे। संजीव सिंह के साथ साये की तरह चलते थे। रंजय की हत्या के बाद ही संजीव सिंह के चचेरे भाई धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या हुई थी। इसका आरोप संजीव सिंह पर लगा था। हालांंकि अदालत ने बरी कर दिया।
आरोपितों को संदेह का मिला लाभ
चश्मदीद राजा यादव के बयान पर अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी 30 जनवरी 2017 को दर्ज की गई थी। पुलिसया छानबीन व राजा यादव द्वारा बनवाए गए स्कैच के आधार पर शूटरों की पहचान हुई थी। इस मामले में नंदकिशोर सिंह उर्फ मामा 8 अगस्त 18 से जेल मे बंद हैं।
अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपितों को बरी किया। रंजय की हत्या और राजा की हत्या के प्रयास का टीआईपी भी हुआ था। पहचानने का दावा भी किया। लेकिन ट्रायल के दौरान यह बात आई कि वो पहले से आपको हर्ष सिंह को जानते थे परन्तु नाम नहीं लिया था। इसी का संदेह का लाभ देते हुए दोनों को रिहा किया गया।
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पांच नवंबर 18 को सरायढेला थाना प्रभारी निरंजन तिवारी ने मामा को शूटर बताते हुए उसके विरूद्ध अदालत मे चार्जशीट दायर किया था। जबकी चंदन शर्मा, हरेन्द्र सिंह के विरूद्ध अनुसंधान जारी रखा था।
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11 दिसंबर 25 को पुलिस ने चंदन शर्मा को फरार दिखाते हुए आरोप पत्र दायर कर दिया था।चंदन शर्मा फिलवक्तत इस मामले में पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसके विरुद्ध उसकी अनुपस्थिति में सुनवाई चल रही है।
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