झारखंड भाजपा का 'अधूरा एजेंडा': हिमंत बिस्वा सरमा ने बताई भविष्य की रणनीति
BJP: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने झारखंड को भाजपा का 'अधूरा एजेंडा' बताया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के बाद पार्टी का अगला मुख्य लक्ष्य झारखंड ...और पढ़ें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा।(फाइल फोटो)
HighLights
झारखंड भाजपा का 'अधूरा एजेंडा' है, सरमा ने कहा।
हार का कारण गठबंधन की कमी और वोट बंटवारा।
अगले चुनाव में झारखंड में सरकार बनाने का दावा।
डिजिटल डेस्क, धनबाद। Himanta Biswa Sarma on Jharkhand झारखंड विधानसभा चुनाव-2024 में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव प्रभारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सह-प्रभारी थे। दोनों नेताओं ने भाजपा की जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी, लेकिन पार्टी को सफलता नहीं मिली। झारखंड की हार की कसक अब भी हिमंत बिस्वा सरमा के बयान में झलक रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्होंने झारखंड की राजनीति को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
सरमा ने हार का बताया कारण
असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने झारखंड को लेकर पार्टी की आगामी रणनीति को सार्वजनिक किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के बाद भाजपा का अगला मुख्य लक्ष्य झारखंड होगा। सरमा ने झारखंड को भाजपा का 'अधूरा एजेंडा' बताते हुए कहा कि पिछले चुनाव में गठबंधन के स्तर पर कुछ कमियों और अन्य दलों द्वारा वोट काटे जाने के कारण सफलता नहीं मिली। उनका इशारा झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) द्वारा भाजपा-आजसू समर्थक कुर्मी मतदाताओं में बड़े पैमाने पर सेंधमारी को लेकर था।
पूर्वी भारत में झारखंड के सिवाय हर जगह भाजपा
सरमा रविवार को एक अंग्रेजी मीडिया के कार्यक्रम में सवालों के जवाब में बोल रहे थे। उन्होंने कहा- 'असफलता ही सफलता का स्तंभ होती है' और भरोसा जताया कि अगले चुनाव में भाजपा झारखंड में मजबूती से वापसी करेगी। उन्होंने कहा-इस समय पूर्वी भारत के लगभग हर राज्य में भाजपा की मौजूदगी है, सिवाय झारखंड के। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड पर पार्टी का पूरा ध्यान केंद्रित होगा।
झारखंड को अपनी पहचान बचाने की जरूरत
असम के मुख्यमंत्री ने कहा-सरमा ने कहा कि झारखंड को अपनी पहचान बचाने के लिए भाजपा की सख्त जरूरत है, जैसे पश्चिम बंगाल को है। उन्होंने कहा कि आदिवासी गौरव को फिर से बहाल करने और राज्य में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव को रोकने के लिए भाजपा आवश्यक है। झारखंड की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
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उन्होंने बताया कि कई लोग इस बात से अनजान हैं कि झारखंड के कुछ जिले अंतरराष्ट्रीय सीमा के बहुत करीब हैं। सरमा के अनुसार, मुर्शिदाबाद मार्ग के जरिए बड़ी संख्या में लोग झारखंड में दाखिल हो रहे हैं, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव आ रहा है।
अगले चुनाव में सरकार बनाने का दावा
सरमा ने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी की असफलता के कारणों पर भी चर्चा की। सरमा ने कहा कि कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मुख्यतः गठबंधन के स्तर पर सही से काम नहीं कर पाने के कारण पार्टी सत्ता में नहीं आ सकी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले चुनाव में भाजपा झारखंड की सत्ता में जरूर होगी।