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    Hindu Calendar 2083: यह वर्ष होगा कुछ खास, 13 महीने, दो ज्येष्ठ और एक मलमास

    By Balwant Kumar Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Sun, 16 Nov 2025 10:39 PM (IST)

    Hindu Calendar 2083: वर्ष 2083 में ज्येष्ठ माह दो बार आने के कारण यह वर्ष विशेष होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 13 महीने होंगे और 58 दिनों का ज् ...और पढ़ें

    13 महीने का होगा 2083 का हिंदू कैलेंडर।

    13 महीने का होगा 2083 का हिंदू कैलेंडर।

    HighLights

    1. जैसे 2023 में दो सावन, वैसे ही 2026 में दो ज्येष्ठ माह


    2. अगले साल बनेगी विशेष खगोलीय स्थिति: दो ज्येष्ठ माह और 57 शुभ लग्न


    3. 17 मई से 15 जून तक रहेगा अधिक मास, 2026 में बढ़ेंगे मांगलिक अवसर

    बलवंत कुमार, जागरण, धनबाद। Vikram Samvat 2083देश के उत्तर भारत में विक्रम संवत प्रचलित है। इसे हिंदू कैलेंडर भी कहा जाता है। वर्तमान में विक्रम संवत 2082 चल रहा है। इस वर्ष की शुरुआत चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा (चैत्र मास का पहला दिन) से मानी जाती है। अन्त में साल का आखिरी माह फाल्गुन होता है। 

    हालांकि विक्रम संवत पूरे देश में प्रचलित नहीं है। दक्षिण भारत, गुजरात और बंगाल में थोड़ा अलग प्रारंभ होता है। विक्रम संवत 2083 कुछ खास रहने वाला है। ज्येष्ठ माह दो बार रहेगा। इस वर्ष ज्येष्ठ माह 58 दिनों का होगा और इसके बीच मलमास (अधिक मास) पड़ेगा।

    हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2083 में कुल 13 महीने होंगे। साथ ही इस साल विवाह के 57 शुभ मुहूर्त प्राप्त होंगे। वर्तमान में हिंदू धर्म के अनुसार मांगलिक कार्य जारी हैं।

    विवाह मुहूर्त

    आगामी 22 नवंबर 2025 से विवाह के मुहूर्त भी आरंभ हो रहे हैं। पंचांग गणना के अनुसार 15 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक विवाह का कोई मुहूर्त नहीं रहेगा।

    धनबाद के पंडित रामाशंकर तिवारी ने बताया कि वर्ष 2083 (अंग्रेजी वर्ष 2026) में ज्येष्ठ माह दो बार आएगा। ज्येष्ठ माह की अवधि 2 मई से 29 जून 2026 तक रहेगी। इसके बीच 17 मई से 15 जून तक मलमास (अधिक मास) रहेगा।

    तिवारी ने बताया कि सूर्य 16 नवंबर तक तुला राशि में रहेगा। मलमास या अधिक मास लगभग तीन वर्ष में एक बार जोड़ा जाता है। सौर वर्ष 365 दिन का और चंद्र वर्ष 354 दिन का माना जाता है। चंद्र और सौर वर्ष के बीच के लगभग 11 दिनों के अंतर को खत्म करने के लिए तीन वर्ष में एक बार अधिक मास जोड़ा जाता है।

    खबरें और भी

    पंडित तिवारी के अनुसार देवशयनी एकादशी 25 जुलाई से 19 नवंबर तक रहने के कारण इस अवधि में कोई मांगलिक कार्य नहीं होंगे।

    अभी से दिसंबर 2026 तक विवाह के शुभ मुहूर्त

    नवंबर 2025: 22, 23, 24, 25, 27, 29, 30
    दिसंबर 2025: 4, 5, 6, 11
    फरवरी 2026: 4, 5, 10, 20, 21
    मार्च 2026: 9, 10, 11, 12
    अप्रैल 2026: 20, 21, 26, 29, 30
    मई 2026: 5, 6, 7, 8, 9, 10, 14
    जून 2026: 19, 20, 22, 23, 24, 26, 27, 29
    जुलाई 2026: 1, 3, 6, 7, 8, 9, 11, 12
    नवंबर 2026: 21, 24, 25, 26
    दिसंबर 2026: 2, 3, 4, 5, 11, 12

    वर्ष 2026 के अबूझ मुहूर्त

    23 जनवरी – बसंत पंचमी
    19 फरवरी – फुलेरा दूज
    26 मार्च – रामनवमी
    19 अप्रैल – अक्षय तृतीया
    25 अप्रैल – जानकी नवमी
    1 मई – पीपल पूर्णिमा
    25 मई – गंगा दशमी
    22 जुलाई – भड़ल्या नवमी
    25 जुलाई – देवशयनी एकादशी
    20 नवंबर – देवउठनी एकादशी