रेलवे का नया प्लान: स्पेशल ट्रेनें ICF रैक से, नियमित ट्रेनों का होगा LHB में रूपांतरण
Indian Railway Update: स्पेशल ट्रेनें अब आईसीएफ रैक से चलेंगी, जबकि नियमित ट्रेनों को एलएचबी कोच में बदला जाएगा। रेलवे ...और पढ़ें

आन डिमांड मांग आधारित स्पेशल ट्रेन एलएचबी के बदले पुराने आइसीएफ रैक से चलाई जाएगी। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
स्पेशल ट्रेनें आईसीएफ रैक से चलेंगी, नियमित एलएचबी में।
कोचों में अब यूएसबी सी-टाइप चार्जिंग प्वाइंट लगेंगे।
वंदे भारत एक्सप्रेस में मिलेंगी अधिक आरामदायक सीटें।
तापस बनर्जी, धनबाद। एलएचबी रैक के साथ चल रहीं स्पेशल ट्रेनों के कोच में बदलाव हो सकता है। टीओडी यानी ट्रेन आन डिमांड मांग आधारित स्पेशल ट्रेन एलएचबी के बदले पुराने आइसीएफ रैक से चलाई जा सकती हैं। इसके बदले में आइसीएफ रैक से चलने वाली नियमित ट्रेनों को एलएचबी में रुपातंरण को प्राथमिकता दी जाएगी।
कोलकाता में आयोजित पीसीएमई कांफ्रेंस-2026 में इससे जुड़े निर्देश जारी किये गये हैं। 12 व 13 जून को रेलवे बोर्ड और सभी जोन के प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंताओं की बैठक के पिछले 28 अगस्त को जारी हुए मिनट्स में कहा गया है कि अगले वर्ष से एलएचबी कोच का उत्पादन बंद कर दिया जाएगा।
सभी आइसीएफ रैक को एलएचबी में परिवर्तित करने का कार्य वर्ष 2027-28 तक पूरा हो जाएगा। पर्याप्त आइसीएफ कोच उपलब्ध होने के बाद भी स्पेशल ट्रेनें एलएचबी कोच के साथ चलाई जा रही हैं। नियमित ट्रेनों को एलएचबी में परिवर्तित करने के लिए पहले एलएचबी कोचों का उपयोग किया जाना चाहिए।
खत्म होगा मोबाइल चार्जिंग का झंझट, कोच में सी-टाइप चार्जिंग प्वाइंट
ट्रेन में मोबाइल चार्ज लगाने पर चार्ज न होने या चार्जर का पिन टूटने के झंझट से यात्रियों को जल्द छुटकारा मिल जाएगा। यात्रियों की शिकायत के बाद अब ट्रेनों में सी-टाइप चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे। पीसीएमई कांफ्रेंस के दौरान कहा गया कि यूएसबी ए-टाइप चार्जर अक्सर फेल होते हैं, जिसका कारण यात्रियों के गलत तरीके से यूएसबी पिन को चार्जिंग प्वाइंट में डालना है।
यूएसबी ए-टाइप पिन एक ही साइड से लगता है। जल्दबाजी में उल्टा अंदर डालने के दौरान बंदर का पोर्ट टूट जाता है। दूसरी ओर, सी-टाइप चार्जर दोनों ओर से लगाए जा सकते हैं और अधिक मजबूत भी होता है। कांफ्रेंस में तय हुआ कि भविष्य में बनने या मेंटेनेंस के लिए आनेवाले सभी कोच में यूएसबी सी-टाइप चार्जिंग प्वाइंट भी लगाए जाएंगे।
यात्रियों की शिकायत के आधार पर ढूंढ़ा जाएगा ट्रेन की छत टपकने का समाधान
कभी एसी कोच की छत से पानी टपकने तो कभी ट्रेन के टायलेट की छत से पानी रिसने की अक्सर शिकायत मिलती हैं। पीसीएमई कांफ्रेंस के दौरान यात्रियों से जुड़े इस मुद्दे पर भी मंथन हुआ।
इस मामले में जोनल रेलवे से कहा गया कि रेल मदद पर ट्रेन की छत टपकने की हर शिकायत की विस्तृत जांच की जाए। हर शिकायत की जड़ तक जाएं जिससे मूल कारणों का पता चल सके। इससे उनका स्थाई समाधान ढूंढ़ा जा सकेगा।
कांफ्रेंस की अन्य महत्वपूर्ण बातें
वंदे भारत एक्सप्रेस की सीटों में बदलाव, यात्रियों को मिलेंगी और आरामदायक सीटें
वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास की सीटें नहीं होंगी रोटेट, बढ़ेंगी सीटों की संख्या
