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    झरिया के डिगवाडीह में गणेश मेले को लेकर बड़ा झमेला, पुलिस की समझाइश भी काम न आई, चले लात-घूंसे

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 06:33 PM (IST)

    Dhanbad News: झरिया के डिगवाडीह में गणेश पूजा महोत्सव को लेकर पुराने और नए गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई हिंसक हो गई, जिससे सर्कस मैदान रणभूमि में बदल ...और पढ़ें

    पुलिस के सामने भिड़ते मेला कमेटी के लोग। (फोटो जागरण)

    पुलिस के सामने भिड़ते मेला कमेटी के लोग। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. डिगवाडीह गणेश पूजा महोत्सव में समिति विवाद पर हिंसक झड़प।

    2. पुराने और नए गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई हुई।

    3. पुलिस की दो घंटे की समझौता वार्ता विफल रही।

    संवाद सूत्र, अलकडीहा (धनबाद)। झरिया के डिगवाडीह गणेश पूजा महोत्सव पर इस वर्ष विवादों के बादल गहरा गए हैं। पूजा के आयोजन को लेकर वर्चस्व की लड़ाई रविवार को उस समय हिंसक हो गई, जब एक तीसरे गुट ने मैदान में एंट्री मार दी।

    नए और पुराने गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के कारण पूरा सर्कस मैदान रणभूमि में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को संभाला।

    डीएसपी की अध्यक्षता में हुई दो घंटे की मैराथन समझौता वार्ता पूरी तरह विफल रही। क्षेत्र में फिलहाल तनाव का माहौल बना हुआ है।

    जबरन भूमि पूजन को लेकर भिड़े दो गुट

    मामले की शुरुआत तब हुई जब रविवार को शैलेंद्र खरवार और पूर्व मेला संचालक पवन प्रजापति के नेतृत्व में तीसरे गुट ने एक आम सभा बुलाई। इस गुट का उद्देश्य नई कमेटी का गठन करना और सर्कस मैदान में दोबारा भूमि पूजन करना था।

    जैसे ही इस गुट ने जबरन भूमि पूजन का प्रयास किया। दो दिन पहले ही भूमि पूजन कर चुकी पुरानी कमेटी के सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के समर्थक आपस में भिड़ गए।

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    थाने में भी हुआ हंगामा

    घटना की सूचना मिलते ही जोरापोखर थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और चार उपद्रवियों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की। इस कार्रवाई के बाद दोनों गुटों के सैकड़ों समर्थक जोरापोखर थाने पहुंच गए और एक-दूसरे पर पूजा के पैसों की लूट-खसोट का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।

    माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को थाने से खदेड़ दिया। बाद में झामुमो के एक वरिष्ठ नेता के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को पीआर बॉन्ड पर हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

    दो घंटे चली बैठक रही बेनतीजा 

    तनाव को बढ़ता देख डीएसपी और झरिया थाना प्रभारी भी तत्काल जोरापोखर थाना पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर लगभग दो घंटे तक समझौता कराने का प्रयास किया। ताकि क्षेत्र का यह ऐतिहासिक महोत्सव शांतिपूर्ण संपन्न हो सके। लेकिन दोनों ही गुट अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे। जिसके कारण यह वार्ता विफल हो गई।

    विवाद की मुख्य वजह

    डिगवाडीह में इस वर्ष 38वां गणेश पूजा महोत्सव मनाया जा रहा है। वर्तमान कमेटी के अध्यक्ष जगजीवन राम,कार्यकारी अध्यक्ष डॉ एम के ठाकुर सचिव मोहन यादव, कोषाध्यक्ष उत्सव राम, संयुक्त सचिव दिनेश यादव के नेतृत्व में तैयारियां चल रही हैं।

    विरोधी गुट का आरोप है कि वर्तमान कमेटी मेले से आने वाली लाखों रुपये की मोटी रकम का हिसाब नहीं दे रही है और गणेश मंदिर निर्माण कराने के बजाय पैसों की बंदरबांट कर रही है। वे वर्तमान कमेटी को भंग कर नई कमेटी बनाने की मांग कर रहे हैं।

    इधर, कमेटी के अध्यक्ष जगजीवन राम और सचिव मोहन यादव ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर स्थानीय निवासी मदन मोहन राम पर इस पूरे विवाद की साजिश रचने और महोत्सव में जानबूझकर खलल डालने का आरोप लगाया है।

    वहीं विपक्षी गुट ने पुरानी कमिटी को भंग कर नई कमिटी के नेतृत्व में पूजा करने तथा मंदिर निर्माण कराने की जिम्मेदारी सौंपने की पुलिस से मांग की है।

    पूजा-अर्चना करना स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की जिम्मेदारी है। पुलिस का मुख्य काम क्षेत्र में विधि-व्यवस्था को बनाए रखना है। जिसके लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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    प्रकाश चंद्र महतो, डीएसपी, सिंदरी।