Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Jharkhand Weather Today: कंपकंपाती ठंड में भी आस्था और उत्सव का तापमान ऊंचा, मौसम विभाग ने बताई राहत की समय-सीमा

    By Kasinath Yadav Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Thu, 25 Dec 2025 06:09 AM (IST)

    Christmas: झारखंड में कड़ाके की ठंड जारी है, लेकिन लोगों की आस्था और उत्सवों का उत्साह कम नहीं हो रहा है। मौसम विभाग ने ठंड से राहत मिलने की समय-सीमा ...और पढ़ें

    धनबाद के संत एंथोनी चर्च में विशेष प्रार्थना सभा में भाग लेते श्रद्धालु। (फोटो जागरण)

    धनबाद के संत एंथोनी चर्च में विशेष प्रार्थना सभा में भाग लेते श्रद्धालु। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. भीषण ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित

    2. ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड से बचाव का सहारा बना अलाव

    जागरण संवाददाता, धनबाद। Christmas 2025: झारखंड में ठंड ने अपना असर तेज कर दिया है। राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस और उससे नीचे पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड के बावजूद क्रिसमस का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया।

    Christmas 1

    बुधवार रात चरनी में प्रभु यीशु के जन्म के प्रतीकात्मक दृश्य के साथ क्रिसमस पर्व की विधिवत शुरुआत हुई। धनबाद स्थित संत एंथोनी चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। चर्च परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया था। कैरोल गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। पादरियों ने अपने संदेश में शांति, प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का आह्वान किया।

    Christmas weather alert

    मौसम की बात करें तो धनबाद और गिरिडीह में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री, बोकारो में सात डिग्री और साहिबगंज में आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भीषण ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित नजर आया। साहिबगंज में सड़कों पर अन्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखी। आवश्यक कार्य से घर से निकलने वाले लोग शाम होते ही जल्द लौट आए।

    जगह-जगह अलाव जलाकर लोग ठंड से बचने की कोशिश करते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को भी ऐसी ही स्थिति बने रहने की संभावना है। इसके बाद दो दिनों तक थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन फिर से शीतलहरी चलने के आसार हैं।

    खबरें और भी

    राजमहल क्षेत्र में ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। निजी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम रही और सड़कों पर आवागमन घटा। कंपकंपाती ठंड में राहगीरों के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा बने रहे। जहां संपन्न वर्ग घरों में हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहा है, वहीं गरीब तबके के लिए सड़क किनारे जल रहे अलाव ही राहत का साधन बने हुए हैं।

    उधवा में भी बुधवार सुबह से तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। शीतलहरी के चलते लोग घरों में दुबके रहे और बाजारों में चहल-पहल कम रही। अंचल प्रशासन की ओर से विभिन्न पंचायतों और चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की गई। अंचलाधिकारी जयंत कुमार तिवारी ने बताया कि उधवा चौक, इंग्लिश सहित अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव जलाकर लोगों को ठंड से राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं।