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    अब कोहरे और खराब मौसम में भी सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें; धनबाद-गया रूट पर 'कवच 4.0' सिस्टम एक्टिव

    Updated: Tue, 09 Jun 2026 08:22 PM (IST)

    हावड़ा-नई दिल्ली रेल मार्ग पर सुरक्षित परिचालन के लिए धनबाद-गया रेल मार्ग पर स्वदेशी कवच सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। सरमाटांड़ से निमियाघाट तक 7 ...और पढ़ें

    अब कोहरे और खराब मौसम में भी सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें; धनबाद-गया रूट पर 'कवच 4.0' सिस्टम एक्टिव

    अब कोहरे और खराब मौसम में भी सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें; धनबाद-गया रूट पर 'कवच 4.0' सिस्टम एक्टिव

    HighLights

    1. धनबाद-गया रेल मार्ग पर कवच सिस्टम का विस्तार जारी।

    2. सरमाटांड़ से निमियाघाट तक 76 किमी कवच 4.0 चालू।

    3. अक्टूबर तक प्रधानखंता तक कवच प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। यात्री ट्रेन और मालगाड़ियों के अत्यधिक दबाव वाले हावड़ा-नई दिल्ली रेल मार्ग पर सुरक्षित परिचालन के लिए स्वदेशी कवच सिस्टम में तेजी ला रहा है। धनबाद-गया रेल मार्ग पर सरमाटांड़ से निमियाघाट 76 किमी सेक्शन पर कवच के सुरक्षा घेरे में ट्रेनें चलने लगी हैं।

    अगले चरण में निमियाघाट से प्रधानखंता तक कवच लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। सितंबर तक निमियाघाट से तेतुलमारी और अक्टूबर तक तेतुलमारी से धनबाद होकर प्रधानखंता तक कवच प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य है।

    धनबाद-डीडीयू के बीच 163 रूट किलोमीटर पर कवच 4.0 चालू

    रेलवे ने अपने नेटवर्क के तीन सेक्शन में कवच वर्जन 4.0 (ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम) के 163 रूट किलोमीटर चालू किए हैं।

    नए चालू किए गए सेक्शन में धनबाद मंडल के सरमाटांड़ से निमियाघाट 76 किमी तथा डीडीयू मंडल के फ्लाईओवर केबिन से भभुआ रोड 43 किमी और सासाराम से फेसर तक 44 किमी सेक्शन शामिल हैं।

    एक पटरी पर दो ट्रेन का मिलेगा अलर्ट, लग जाएगा ऑटोमेटिक ब्रेक

    कवच 4.0 सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी) के खिलाफ स्वचालित सुरक्षा प्रदान करेगा और साइड, आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्करों को प्रभावी ढंग से रोकने में मदद करेगा।

    इससे निरंतर ओवरस्पीडिंग की निगरानी और नियंत्रण भी संभव होगी। कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम की स्थिति में भी सुरक्षित संचालन हो सकेगा। गलत दिशा और रिवर्स मूवमेंट के दौरान अलर्ट जारी करेगा। लेवल क्रासिंग गेट के बारे में स्वचालित जानकारी प्रदान करेगा।

    खासियत

    • कवच सुरक्षित ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करने के लिए माइक्रोप्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और रेडियो संचार प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करता है।
    • पूर्व-निर्धारित दूरी के भीतर उसी ट्रैक पर दूसरी ट्रेन आने पर लोको पायलट को सचेत करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आनबोर्ड उपकरणों के माध्यम से स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देगा।
    • कवच सिग्नल पासिंग एट डेंजर (एसपीएडी) के खिलाफ स्वचालित सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है और साइड, आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्करों को प्रभावी ढंग से रोकता है।
    • निरंतर ओवरस्पीडिंग की निगरानी और नियंत्रण भी करता है, जिससे कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम की स्थिति में भी सुरक्षित संचालन मुमकिन होगा।
    • गलत दिशा और रिवर्स मूवमेंट के दौरान अलर्ट जारी करता है और लेवल क्रासिंग गेट के बारे में स्वचालित जानकारी प्रदान करेगा।

    कवच वर्जन 4.0, भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का नवीनतम और सबसे उन्नत संस्करण है। इसे परिचालन फीडबैक और स्वतंत्र सुरक्षा आकलनों के आधार पर निरंतर तकनीकी अपग्रेड के माध्यम से विकसित किया गया है। अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा अनुमोदित, कवच 4.0 रेलवे सुरक्षा में एक बड़ी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। - सरस्वती चंद्र, सीपीआरओ, पूर्व मध्य रेल

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