धनबाद के निरसा में पागल कुत्ते का आतंक, 18 लोगों को काटा, रेस्क्यू टीम नाकाम
Dhanbad News: निरसा क्षेत्र में एक पागल कुत्ते ने 18 लोगों को काटकर घायल कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ...और पढ़ें

निरसा क्षेत्र में पागल गुत्ते ने मचा रखा है आतंक।(प्रतीकात्मक फोटो)
संवाद सहयोगी, निरसा(धनबाद)। धनबाद के निरसा में एक पागल कुत्ते का आतंक छाया हुआ है। कुत्ता घूम-घूमकर लोगों पर हमला कर रहा है और अब तक 18 लोगों को काट चुका है। इलाके में दहशत का माहौल है। लोग डर के कारण छोटे-छोटे बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं।
कुत्ते के हमले में घायल 18 लोगों में 13 का इलाज निरसा सीएचसी में किया गया। वहीं रीवर साइड तीन के पांच मरीजों को बेहतर इलाज के लिए धनबाद एसएनएमएमसीएच भेज दिया गया है। पागल कुत्ते के आतंक से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
कांग्रेस पार्टी के नेता प्रखंड अध्यक्ष डा. संतोष कुमार राय ने सिविल सर्जन, बीडीओ इंद्रलाल ओहदार, पशु चिकित्सा पदाधिकारी एवं एसएनएमएमसीएच को सूचना देने पर नगर निगम से डॉग रेस्क्यू टीम आई। परंतु पागल कुत्ते को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है। पागल कुत्ता रांगामाटी क्षेत्र में रहने की सूचना है।
यह है मामला
जानकारी देते हुए रांगामटी के ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की संध्या पागल कुत्ता बरडांग निवासी कमल रोहिदास, दयामय कुंभकार, ढांगासाल निवासी पिंटू सिंह , रागामाटी में कुरेशा बीवी, आहीर अंसारी, कालीचरण मल्लिक, घाघरा पंचायत के दो लोगों को घायल किया।
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शनिवार की सुबह चापापुर निवासी महावीर यादव, उदयपुर गांव के सुबा देवी, शिबू गोराई, आनंद गोराई, बलराम गोराई, भालखुरिया के चपला दासी, आरती देवी, कुसुमकनाली निवासी अनिल भंडारी, सिंदरी कॉलोनी के रामदेव भुइंया, रतन हाड़ी को घायल कर दिया।
इसी बीच धनबाद से पहुंची रेस्क्यू टीम स्थानीय पशुपालन पदाधिकारी डा. मिथुन आनंद के साथ पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए प्रयासरत है। हालांकि रेस्क्यू टीम के पहुंचने के पूर्व ही पागल कुत्ता भाग कर रांगामाटी गांव की ओर निकल गया।
रेस्क्यू टीम गांव पहुंचकर कुत्ते को पकड़ने के लिए प्रयासरत है। परंतु पागल कुत्ते का अभी तक रेस्क्यू नहीं किया जा सका है। कुत्ते के आतंक से बचने के लए 10 - 15 गांव के लोग रात भर जागकर पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ता अचानक आता है और हमला कर देता है।
कुत्ते के काटने की गंभीर श्रेणी तीन के तहत गहरे घाव, खून बहना, चेहरे, हाथ पर काटना में एंटी रेबीज वैक्सीन के साथ-साथ रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन का इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य होता है। घाव को कम से कम 15 मिनट तक बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं। साफ करने के बाद घाव पर पोविडोय आयोडीन या अल्कोहल लगाएं। हमारे यहां कैटेगरी-3 के पांच मरीज पहुंचे थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए धनबाद के एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया गया है।
डा. मृणाल श्रीवास्तव, प्रभारी, निरसा सीएचसी