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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dhanbad Fire: स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ है हाजरा परिवार, धनबाद में है काफी नाम, दूर-दराज से आते हैं मरीज

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Sat, 28 Jan 2023 01:06 PM (GMT+05:30)

    धनबाद में अस्‍पताल में आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले डॉ विकास हाजरा और उनकी पत्नी डॉ प्रेमा हाजरा स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। उनका पूरा परिवार इसी ...और पढ़ें

    धनबाद के अस्‍पताल में लगी भीषण आग छह की हुई मौत
    धनबाद के अस्‍पताल में लगी भीषण आग छह की हुई मौत

    आशीष सिंह, धनबाद। सीसी हाजरा मेमोरियल हॉस्पिटल का धनबाद कोयलांचल में अपना नाम है। एक ही परिवार के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ चिकित्सक एक अस्पताल की छत के नीचे मरीजों का इलाज करते हैं। आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले डॉ विकास हाजरा और उनकी पत्नी डॉ प्रेमा हाजरा स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। उनकी बहन डॉक्टर रीता हाजरा भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। डॉ विकास हाजरा के भाई डॉक्टर समीर हाजरा और समीर की पत्नी डॉ सरोज हाजरा भी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। सभी का अस्पताल परिसर में ही अलग-अलग चेंबर है। अस्पताल में धनबाद के अलावा दूसरे जिलों के भी दूरदराज के मरीज प्रसव के लिए आते हैं।

    पिता बांझपन के रोग के रहे हैं प्रसिद्ध विशेषज्ञ

    डॉ विकास के पिता का धनबाद कोयलांचल में काफी बड़ा नाम रहा है। डॉक्टर सीसी हाजरा मशहूर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ एवं बांझपन रोग विशेषज्ञ रहे हैं। वर्ष 1978 में डॉक्टर सीसी हाजरा श्री श्री लक्ष्मी नारायण ट्रस्ट एवं अस्पताल के अधीक्षक रहे। इसके बाद सीसी हाजरा ने अपने पिता आरसी हाजरा के नाम पर हाजरा मेमोरियल हॉस्पिटल का नाम रखा। वर्ष 2014 में सीसी हाजरा का निधन हो गया।

    भाई डॉक्टर समीर के साथ नहीं था अच्छा संबंध

    बताया जाता है कि डॉ विकास हाजरा और उनके भाई डॉक्टर समीर हाजरा के बीच संबंध बेहतर नहीं थे। इसको लेकर पारिवारिक विवाद भी रहा। इसके बावजूद सभी मिलकर अस्पताल का संचालन कर रहे थे। दोनों के लिए अलग-अलग चेंबर और अलग-अलग मरीजों के भर्ती होने की जगह थी।

    पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से आया है हाजरा परिवार

    यह परिवार लगभग 80 वर्ष पूर्व पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिला से धनबाद कोयलांचल आए हैं। घर में बंगाली रहन-सहन का पालन होता है। टेलिफोन एक्सचेंज रोड स्थित अस्पताल में पहले एक बिल्डिंग हुआ करती थी, अब दो नए बिल्डिंग बनाए गए थे। एक बिल्डिंग में डॉक्टर समीर तो दूसरी बिल्डिंग में डॉक्टर विकास मरीजों को देखकर थे।

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