जयराम महतो का जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को खुला समर्थन, सियालजोरी मामले पर भी बोले
Jharkhand Politics: जयराम महतो ने सियालजोरी मामले में धनबाद कोर्ट में पेशी के दौरान जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन किया। ...और पढ़ें

धनबाद कोर्ट परिसर में वकीलों के बीच बैठे विधायक जयराम महतो। (फोटो जागरण)
HighLights
जयराम महतो ने जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन किया।
सियालजोरी मामले में खुद को निर्दोष बताया, पोस्टर पर नाम।
छात्रों की मांगों को जायज ठहराया, न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा।
जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष एवं डुमरी विधायक जयराम महतो शुक्रवार को सियालजोरी इलेक्ट्रो स्टील धरना मामले में धनबाद व्यवहार न्यायालय में पेश हुए। न्यायालय परिसर में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन किया।
महतो ने कहा कि जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और बापू वाटिका में छात्र अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं।
आंदोनसारी छात्र 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद करने, टीडीपीएल (TDPL) एजेंसी की भूमिका की जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। हम आंदोलनकारियों की मांगों का समर्थन करते हैं।
डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि जेपीएससी अभ्यर्थियों ने पहले ही निर्णय लिया था कि आंदोलन के मंच पर किसी भी राजनीतिक दल या नेता को स्थान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों के इस फैसले का सम्मान करते हुए मंच पर नहीं जाने की बात कही।
साथ ही कहा कि उनकी मांगों के समर्थन में हरसंभव सहयोग किया गया। जयराम महतो ने सिल्ली विधानसभा के पूर्व जेएलकेएम के प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार जेपीएससी अभ्यर्थियों की लड़ाई मजबूती से लड़ रहे हैं।
अपने खिलाफ धनबाद न्यायालय में चल रहे मामले पर महतो ने कहा कि सियालजोरी इलेक्ट्रो स्टील प्लांट में स्थानीय ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय जेएलकेएम का आंदोलन भी पूरे प्रदेश में सक्रिय था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्राथमिकी में उनका नाम केवल पोस्टर में तस्वीर होने के आधार पर जोड़ दिया गया, जबकि वे घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। जयराम महतो ने कहा कि लोकतांत्रिक ढंग से अपनी बात रखने वालों पर मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं तथा न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अदालत में उन्हें न्याय मिलेगा।