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    कोयला पेंशन योजना में नहीं होगा कोई बदलाव, न्यूनतम पेंशन ₹1000 हुई; 4.81 लाख पेंशनभोगियों को मिल रहा लाभ

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 11:11 AM (IST)

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोयला खान पेंशन योजना-1998 में फिलहाल कोई नया बदलाव या संशोधन प्रस्तावित नहीं है। न्यूनतम मासिक पेंशन पहले ही बढ़ाकर 1000 र ...और पढ़ें

    कोयला पेंशन योजना में फिलहाल नहीं होगा कोई नया बदलाव।

    कोयला पेंशन योजना में फिलहाल नहीं होगा कोई नया बदलाव।

    HighLights

    1. कोयला पेंशन योजना में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं।

    2. न्यूनतम मासिक पेंशन पहले ही 1000 रुपये की गई।

    3. 4.81 लाख से अधिक पेंशनभोगी योजना का लाभ ले रहे।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। कोयला क्षेत्र के 4,81,468 सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए फिलहाल कोई नई राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोयला खान पेंशन योजना-1998 में व्यापक संशोधन, न्यूनतम पेंशन में और बढ़ोतरी या अन्य नियमों में बदलाव का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

    सरकार का कहना है कि पेंशनभोगियों की मांगों को देखते हुए पहले ही न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाकर 1000 रुपये की जा चुकी है। यह जानकारी कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। सरकार के इस जवाब के बाद निकट भविष्य में पेंशन योजना में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल समाप्त होती दिख रही है।

    न्यूनतम पेंशन पहले ही बढ़ाई जा चुकी

    सरकार ने बताया कि 8 मार्च 2024 से कोयला खान पेंशन योजना-1998 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1000 रुपये कर दी गई है। इससे पहले बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों को इससे कम राशि मिल रही थी। सरकार के अनुसार इस फैसले से हजारों पेंशनभोगियों को लाभ मिला है और उनकी न्यूनतम आय में सुधार हुआ है।

    अधिकतम पेंशन पर कोई सीमा नहीं

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना में अधिकतम पेंशन की कोई सीमा तय नहीं है। किसी कर्मचारी की पेंशन उसकी अंतिम वेतन, अंशदान, सेवा अवधि और पेंशन योग्य वर्षों के आधार पर तय होती है। मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार 515 पेंशनभोगियों को हर महीने 10 हजार रुपये से अधिक पेंशन मिल रही है।

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    व्यापक संशोधन की मांग पर सरकार का जवाब

    लोकसभा में योजना में व्यापक संशोधन, पेंशन राशि बढ़ाने और अन्य राहत देने की मांग उठाई गई थी। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि 31 मार्च 2022 तक पेंशन निर्धारण के लिए वेतन की कोई अधिकतम सीमा नहीं थी। इसलिए फिलहाल योजना में बड़े संशोधन की आवश्यकता नहीं मानी गई है। सरकार ने दोहराया कि वर्ष 2024 में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय पहले ही लिया जा चुका है।

    सीएमपीएफओ में लगातार बढ़ रही पेंशनभोगियों की संख्या

    कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार जून 2026 तक कुल 4,81,468 पेंशनभोगी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। अप्रैल 2026 में यह संख्या 4,78,949 थी, जो मई में बढ़कर 4,81,467 और जून में 4,81,468 हो गई। इनमें सामान्य, विकट (डिसेबलमेंट) और फैमिली पेंशनभोगी शामिल हैं।

    हालांकि पेंशनभोगी संगठन लंबे समय से न्यूनतम पेंशन में और बढ़ोतरी, महंगाई राहत (डीआर) लागू करने तथा वर्ष 1998 से लंबित पेंशन संशोधन की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार के ताजा जवाब से साफ है कि फिलहाल मौजूदा व्यवस्था में किसी नए बदलाव की संभावना नहीं है।