Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    प्रशांत की बांकीपुर में जीत से छोटे दलों का बढ़ा मनोबल, बदलेगी राजनीति की दिशा; जयराम महतो ने कह दी बड़ी बात

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 09:50 AM (GMT+05:30)

    Bihar के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत कुमार की जीत को जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो ने छोटी पार्टियों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला और राजनीति की बदल ...और पढ़ें

    प्रशांत किशोर और जयराम महतो। (फाइल फोटो)

    प्रशांत किशोर और जयराम महतो। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में पहली चुनावी जीत दर्ज की।

    2. जयराम महतो ने इसे बदलती राजनीति का संकेत बताया।

    3. भाजपा के गढ़ बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने जीत हासिल की।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर ने सक्रिय राजनीति में उतरने के बाद पहली बार चुनावी मैदान में जीत हासिल की।

    झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख एवं डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर की जीत पर उन्हें बधाई दी।

    उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक उम्मीदवार की सफलता नहीं, बल्कि राजनीति की बदलती दिशा का संकेत है। जयराम महतो ने कहा कि प्रशांत किशोर ने जमीनी मुद्दों को मजबूती से उठाया और जनता का विश्वास जीतकर उसे चुनावी सफलता में बदला।

    उनके अनुसार इस परिणाम से छोटी और क्षेत्रीय पार्टियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बांकीपुर के नतीजे बताते हैं कि अब मतदाता केवल दल नहीं, बल्कि संघर्षशील और जनसरोकार से जुड़े चेहरों को भी समर्थन देने लगे हैं।

    जयराम के अनुसार प्रशांत ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की खाली की हुई सीट पर BJP प्रत्याशी को हराकर जीत दर्ज की है। यह जीत इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बांकीपुर को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

    यह भी पढ़ें- Bihar Chunav में प्रशांत किशोर की करारी हार का जयराम ने बताए कारण, बोले-सेनापति रणभूमि में होता तो परिणाम बदल जाते

    प्रशांत किशोर की जीत को बिहार की राजनीति में नए राजनीतिक विकल्प के उभरने के तौर पर देखा जा रहा है। 

    खबरें और भी