प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की तैयारी! NIA ने धनबाद पहुंचकर खंगाला अपराध और विदेशी कनेक्शन
Wassepur News: धनबाद का फरार अपराधी प्रिंस खान अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के रडार पर है। NIA उसकी आपराधिक ...और पढ़ें

धनबाद में बदमाश प्रिंस खान की गतिविधियों की एनआइए ने की जांच। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
NIA ने धनबाद में प्रिंस खान के मामलों की जांच की।
अपराधी प्रिंस खान के पाकिस्तान कनेक्शन की पड़ताल जारी है।
उसे आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
डिजिटल डेस्क, धनबाद। झारखंड पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना धनबाद के वासेपुर का फरार अपराधी प्रिंस खान अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के राडार पर आ गया है। NIA की एक टीम धनबाद पहुंचकर प्रिंस खान की आपराधिक गतिविधियों, विदेश में बने कथित संपर्कों और पाकिस्तान कनेक्शन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह जांच प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। धनबाद पुलिस के अनुसार प्रिंस खान विदेश में रहकर अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन करता रहा है।
झारखंड के विभिन्न जिलों में कारोबारियों व अन्य लोगों से रंगदारी मांगने के आरोप उस पर हैं। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 125 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
NIA की टीम ने SSP धनबाद से की मुलाकात
गुरुवार को धनबाद पहुंचने के बाद एनआइए की टीम ने एसएसपी प्रभात कुमार से मुलाकात कर प्रिंस खान से जुड़े मामलों और उसके नेटवर्क की जानकारी जुटाई। एजेंसी धनबाद समेत झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में उसके खिलाफ दर्ज मामलों की पड़ताल कर रही है।
जांच के दौरान वासेपुर में उसके कथित गुर्गों, सहयोगियों और आपराधिक नेटवर्क पर भी फोकस किया जा रहा है। एनआइए यह भी पता लगाने में जुटी है कि विदेश में रहते हुए प्रिंस खान ने अपने नेटवर्क को किस तरह संचालित किया और उसके संपर्क किन लोगों से रहे।
पाकिस्तान कनेक्शन और कथित आतंकी संपर्कों की पड़ताल
जांच का एक अहम पहलू प्रिंस खान के कथित पाकिस्तान कनेक्शन और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से संपर्क की सूचनाएं हैं। सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर उसके विदेश में बने संपर्कों की जांच की जा रही है।
यह भी आरोप है कि दुबई में रहने के दौरान वह कुछ पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में आया था। सूत्रों के मुताबिक, जांच में इस बात की भी पड़ताल हो रही है कि क्या उसके संपर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों तक पहुंचे थे।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और एनआइए अपने स्तर से साक्ष्य जुटा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
आतंकी घोषित करने की प्रक्रिया में बढ़ा मामला
प्रिंस खान को आतंकी घोषित करने के लिए धनबाद पुलिस की ओर से पहले झारखंड पुलिस मुख्यालय को अनुशंसा भेजे जाने की बात सामने आई है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय से राज्य सरकार के गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया।
सूत्रों के अनुसार, झारखंड सरकार ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है, जिसके बाद मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि प्रिंस खान की गतिविधियां केवल संगठित अपराध तक सीमित हैं या उसके कथित विदेशी संपर्कों के पीछे कोई बड़ी साजिश है, इसकी जांच जरूरी है। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच के बाद ही तय होगी आगे की कार्रवाई
प्रिंस खान पर कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों को धमकाने तथा रंगदारी मांगने के कई आरोप लग चुके हैं। पुलिस अधिकारियों को धमकी देने के मामले भी उसके खिलाफ दर्ज हैं। जांच एजेंसियां अब उसके आपराधिक नेटवर्क के साथ-साथ विदेश में उसकी गतिविधियों और संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
यदि जांच में उसके कथित आतंकी संपर्कों और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो सकती है। आतंकी घोषित किए जाने की स्थिति में उसकी संपत्तियों, आर्थिक नेटवर्क और विदेश में मौजूद ठिकानों की जांच का दायरा भी बढ़ सकता है।
साथ ही उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई और भारत लाने की प्रक्रिया के विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल एनआइए की जांच पूरी होने का इंतजार है और उसके बाद ही प्रिंस खान के खिलाफ मामले में स्थिति स्पष्ट होगी।
