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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    झमाडा के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने घेरा एमडी का कार्यालय, कहा- जबतक एमडी खुद नहीं मिलेंगे, तबतक नहीं हटनेवाले

    By Jagran NewsEdited By: Deepak Kumar Pandey
    Updated: Mon, 10 Oct 2022 01:30 PM (IST)

    झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (झमाडा) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सोमवार को नगर आयुक्त सह झमाडा एमडी सत्येंद्र कुमार का कार्यालय घेर लिया। एक ...और पढ़ें

    एमडी कार्यालय के बाहर से कर्मचारियों को हटाने का प्रयास किया गया तो सभी हंगामा करने लगे।
    एमडी कार्यालय के बाहर से कर्मचारियों को हटाने का प्रयास किया गया तो सभी हंगामा करने लगे।

    जागरण संवाददाता, धनबाद: झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (झमाडा) के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने सोमवार को नगर आयुक्त सह झमाडा एमडी सत्येंद्र कुमार का कार्यालय घेर लिया। एक स्वर में कर्मचारी अपने भविष्य निधि की राशि अविलंब देने की मांग पर अड़े रहे। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक एमडी से मिलेंगे नहीं, तब तक यहां से हटेंगे नहीं। हमें लिखित जवाब चाहिए कि भविष्य निधि की बकाया राशि कब तक मिलेगी। अभी तक तीन लाख में से मात्र दो किस्तों में एक लाख रुपये ही मिल सके हैं। अंतिम किस्त 30 जून में मिली थी। इसके बाद कुछ भी नहीं दिया गया।

    जब एमडी कार्यालय के बाहर से कर्मचारियों को हटाने का प्रयास किया गया तो सभी हंगामा करने लगे। कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक यहां से टस से मस नहीं होंगे। चाहे कुछ भी हो जाए। कर्मचारियों का कहना था कि जबसे नगर आयुक्त को अतिरिक्त प्रभार के तौर पर एमडी का प्रभार मिला है, तबसे तानाशाह रवैया अपना रहे हैं। अपने पद और शक्तियों का मनमाने तरीके से प्रयोग कर रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्मियों के भविष्य निधि भुगतान में असंवैधानिक तरीके से अड़चन लगाई जा रही है। झमाडा में पेंशन सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसकी जगह कंट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड लागू है। इसके तहत कर्मचारियों को योजना का लाभ देना है। एमडी ने अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों को मौखिक निर्देश जारी कर दिया है कि भविष्य निधि मद में भुगतान के लिए संबंधित कर्मी के मूल भविष्य निधि कटौती की राशि का ही प्रस्ताव दें। कंट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड के उपबंध में लागू विभागीय अंशदान और ब्याज की राशि का भुगतान नहीं होगा। यदि किसी कर्मचारी की ओर से इस तरह का कोई भी प्रस्ताव दिया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    आंदोलन कर रहे लोगों का कहना है कि झमाडा का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। सचिव के पद पर सहायक नगर आयुक्त कंचन कुमारी भदोलिया को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जब से इन्होंने प्रभार संभाला है एक दिन भी कार्यालय कक्ष में नहीं बैठीं। कई फाइल अटकी पड़ी है। सेवानिवृत्त कर्मियों की भविष्य निधि का भुगतान लंबे समय से उन्होंने लंबित कर रखा है। सचिव संचिका की जांच के बाद ही भुगतान करने की बात कर रही हैं। प्रदर्शन करने वालों में याकूब अंसारी, उदय कुमार, अब्दुल कयूम अंसारी मोहम्मद जाहिद हुसैन, शंभू महतो, मोती महतो, सुरेश्वर प्रसाद, के यादव, विजय दास आदि शामिल है।