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काकरोचों को मारने का स्प्रे, चूहों के सामने लाचार भारतीय रेलवे; फर्स्ट एसी तक में बेटिकट सफर

Published: Tue, 06 Oct 2026 07:12 AM (IST)

ट्रेनों के फर्स्ट एसी कोच में चूहों का उत्पात बढ़ गया है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। पाटलिपुत्र, ...और पढ़ें

नेताजी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में यात्रा कर रहा चूहा। (फोटो साैजन्य)

नेताजी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में यात्रा कर रहा चूहा। (फोटो साैजन्य)

तापस बनर्जी, जागरण, धनबाद। जनरल और स्लीपर में तो सुना था, अब तो फर्स्ट एसी जैसे प्रीमियम क्लास में भी चूहे बेटिकट सफर कर रहे हैं। यात्रियों की एक ही शिकायत, रात होते ही सीट के नीचे 300 ग्राम का मोटा चूहा उछलकूद कर रहा है।

तीन दिनों में पाटलिपुत्र, इस्लामपुर-हटिया और हावड़ा से कालका जा रही नेताजी एक्सप्रेस में चूहों की उछलकूद की शिकायतों ने रेल महकमे के रोडेंट कंट्रोल की पोल खोल दी है।

हैरत तो तब है जब नेताजी एक्सप्रेस में चूहे की उछलकूद की शिकायत पर आन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ ने कह दिया, सिर्फ काकरोच भगाने का स्प्रे, चूहे नहीं भगा सकते।

केस स्टडी- एक

तीन अक्टूबर को हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में यात्रा कर रही महिला यात्री को पूरी रात चूहे ने परेशान किया। बार-बार चूहे की उछलकूद के कारण उन्हें डर के साये में सफर करना पड़ा।

उनके परिवार के सदस्य कुमार सुनील ने रेल मदद पर शिकायत पर मदद मांगी। पेस्ट कंट्रोल का अनुरोध किया। बाद में रेलवे की ओर से आन बोर्ड टीटीई को सूचित करने की बात कही गई।

केस स्टडी-दो

चार अक्टूबर की रात पटना से हटिया जा रही पाटलिपुत्र एक्सप्रेस के यात्रियों को चूहे ने रतजगा कराया। अपर बर्थ पर धमाचौकड़ी करते चूहे का वीडियो बना कर यात्री ने शेयर किया।

बताया कि रात के लगभग एक बजे हैं। अपर बर्थ में होने के बाद भी चूहे ने परेशान कर रखा है। यह साफ़-सफ़ाई और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्या है। कृपया तुरंत कार्रवाई करें।

केस स्टडी -तीन

हावड़ा-कालका नेताजी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी ए-वन व ए-2 में चार अक्टूबर को हावड़ा से अलीगढ़ जा रहे यात्रियों को चूहे ने परेशान किया।

कभी हाथ तो कभी शरीर के अन्य हिस्से से होकर कूदफांद करते रहे। आन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ से पेस्ट कंट्राेल के आग्रह पर उसने कहा, सिर्फ काकरोच भगाने का स्प्रे है, चूहों का भगाने के लिए कुछ नहीं कर सकते।

बोले हावड़ा डीआरएम

असुविधा के लिए खेद है। इस मामले की चित सावधानी के साथ जांच की गई है। कोचिंग ट्रेनों में कीड़े-मकोड़ाें और चूहों की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय लागू किये जा रहे हैं, जिससे इससे जुड़ी शिकायतों में काफी कमी आई है।

इन उपायों को और मजबूत करने तथा यात्रियों के लिए यात्रा का अनुभव बेहतर व आरामदायक बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

काकरोच कर रहे परेशान, जल्द कीजिए समाधान

पटना से बरकाकाना जा रही पलामू एक्सप्रेस के यात्री काकरोच से परेशान रहे। स्लीपर के एस-वन के 31 नंबर बर्थ पर सवार यात्री विशाल ने इसकी शिकायत कर जल्द समाधान का आग्रह किया।

शिकायत पर रेलवे की नींद टूटी। पेस्ट कंट्रोल का छिड़काव कर काकरोच खदेड़े गये।

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