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त्योहारों से पहले कोयलांचल में कड़वी हुई चीनी, एक सप्ताह में 10-15 रुपये किलो तक बढ़े दाम

Published: Thu, 20 Aug 2026 06:50 AM (IST)

Sugar Price Soar: धनबाद में चीनी की कीमतें 15 दिनों में 48-50 रुपये से बढ़कर 64-65 रुपये प्रति किलो हो गई हैं, जिससे आम जनता का बजट बिगड़ गया है।

चीनी के भाव में उछाल। (प्रतीकात्मक फोटो)

चीनी के भाव में उछाल। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. धनबाद में 15 दिनों में चीनी 48 से 65 रुपये हुई।

  2. गन्ने से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से चीनी आपूर्ति प्रभावित हुई।

  3. आने वाले दिनों में चीनी के दाम 70 रुपये पार कर सकते हैं।

जागरण संवाददाता, धनबाद। कोयलांचल धनबाद के खुदरा बाजारों में चीनी के मूल्यों में हुई बेतहाशा वृद्धि ने आम जनता का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महज 15 दिनों के भीतर जो चीनी बाजार में 48 से 50 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब उछलकर 64 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

दामों में आए इस अचानक उबाल से रसोई संभालने वाली गृहिणियां परेशान हैं। गृहिणियों का कहना है कि त्योहारों और बारिश के मौसम में चीनी की खपत बढ़ जाती है, ऐसे में अचानक 15 रुपये तक की वृद्धि ने घर के मासिक बजट का संतुलन बिगाड़ दिया है। चाय से लेकर बच्चों के दूध और रोजमर्रा के पकवानों तक में कटौती करने की नौबत आ गई है।

मनईटांड के खुदरा दुकानदार मुकेश कुमार ने बताया कि अचानक बढ़ी कीमतों के कारण दुकानों पर ग्राहकों के साथ आए दिन कहा-सुनी हो रही है। ग्राहक पुरानी दरों पर ही सामान मांगते हैं, जिससे उन्हें समझाना भारी पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बाजार में जिस तरह का रुख है उससे अगले 10 दिनों में चीनी का भाव 70 रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर सकता है।

वहीं मामले की वजह स्पष्ट करते हुए जिला खाद्यान्न व्यवसायी संघ धनबाद के अध्यक्ष बिनोद गुप्ता ने बताया कि धनबाद की बाजार समिति में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की मिलों से चीनी की आवक होती है। हाल के दिनों में आपूर्ति प्रभावित हुई है जिसका बड़ा कारण गन्ने से टी20 एथेनाल' का बढ़ता उत्पादन है।

उन्होनें बताया कि पहले गन्ने का इस्तेमाल सिर्फ चीनी और गुड़ बनाने में होता था लेकिन अब एथेनाल बनाने के कारण चीनी मिलों में पर्याप्त गन्ना नहीं पहुंच पा रहा है। उत्पादन घटने का सीधा असर थोक और खुदरा कीमतों पर पड़ा है।

इसके साथ ही मानसूनी बारिश के मौसम में परिवहन लागत बढ़ने से भी कीमतें चढ़ती हैं। बिनोद गुप्ता ने बताया कि इन दो मुख्य कारणों से आने वाले 10 दिनों में चीनी के भाव में पांच से 10 रुपये की और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

झारखंड में कीमत बढ़ने की प्रमुख वजहें भी यही हैं

  • त्योहारों से पहले मांग बढ़ना
  • चीनी का उपलब्ध स्टॉक कम होने की चिंता
  • गन्ने के उत्पादन और अगले सीजन की आपूर्ति को लेकर आशंका
  • एथेनॉल के लिए गन्ने के इस्तेमाल से चीनी की उपलब्धता पर दबाव
  • थोक बाजार में तेज उछाल और जमाखोरी पर सरकार की निगरानी