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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अपहरणकर्ताओं को चकमा... फिर थाना पहुंच गया युवक; जब घरवालों को सुनाई आपबीती तो उड़ गए होश

    Updated: Sat, 01 Jun 2024 02:20 PM (IST)

    शनिवार सुबह संतोष दास अपहरणकर्ताओं को चकमा देकर उनके चंगुल से फरार होने में कामयाब हुआ। वह भाग कर पहले बरटांड के दास बस्ती स्थित दास बस्ती पहुंचा और फ ...और पढ़ें

    अपहरणकर्ताओं को चकमा... फिर थाना पहुंच गया युवक; जब घरवालों को सुनाई आपबीती तो उड़ गए होश
    अपहरणकर्ताओं को चकमा... फिर थाना पहुंच गया युवक; जब घरवालों को सुनाई आपबीती तो उड़ गए होश

    HighLights

    1. शुक्रवार को ऑटो बुकिंग के बहाने संतोष का हुआ था अपहरण
    2. प्रिंस खान पर लगाया था 50 लाख रुपये फिरौती मांगने का आरोप

    जागरण संवाददाता, धनबाद। शनिवार की सुबह संतोष दास अपहरणकर्ताओं को चकमा देकर उनके चंगुल से फरार होने में कामयाब हुआ। वह भाग कर पहले बरटांड के दास बस्ती स्थित दास बस्ती पहुंचा और फिर यहां से स्वजनों के साथ धनबाद थाना पहुंचा। यहां उसने पुलिस को अपने अपहरण और वहां से भागने की कहानी सुनाई।

    संतोष दास ऑटो चालक है और शुक्रवार को ऑटो बुकिंग करने को लेकर दो युवक उसे लेकर गए थे। शाम को स्वजनों को फोन पर 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। फिरौती मांगने वालों ने अपने आप को प्रिंस खान का आदमी बताया था।

    अपहरणकर्ताओं के चंगुल से निकलने के बाद क्या बोले संतोष दास

    संतोष दास ने बताया कि शुक्रवार को दो युवक उसे बरटांड में मिले थे। उन युवकों ने बरवाड्डा के पांडे बरवा से गोविंदपुर जाने के लिए ऑटो बुक किया। बताया कि पांडे बरवा से परिवार के लोगों को लेकर गोविंदपुर बाजार में छोड़ना है। संतोष के अनुसार जब वह अपना ऑटो लेकर पांडे बरवा पहुंचा तो वहां पहले से अन्य आठ युवक मौजूद थे।

    उन युवकों ने उसे कट्टा सटा दिया और पकड़ कर पास के जंगल में लेकर चले गए। जंगल में ले जाने के बाद उसका हाथ और मुंह बांध दिया गया। इसके बाद उनलोगों ने रात आठ बजे संतोष के स्वजनों को फोन कर फिरौती के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। पैसा नहीं देने पर संतोष की हत्या करने की धमकी दी।

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    संतोष ने बताया कि पांच युवकों की उम्र 18 से 19 साल के आसपास है, जबकि शेष 35 से 40 वर्ष के थे। इनके पास कट्टा, भुजाली और अस्तुरा था। अस्तुरा उसकी गर्दन पर रख कर स्वजनों से पैसों की मांग के लिए दवाब भी बनाया। कट्टा के बट से उसके छाती पर भी वार किया गया।

    सुबह हाथ खोल फरार हुआ संतोष

    संतोष की मानें तो शनिवार की सुबह करीब आठ बजे के आसपास जब अपहरणकर्ता उसके आसपास नहीं थे तब वह अपना हाथ खोल वहां से फरार हो गया। भागते हुए वह अपने घर पहुंचा और मामले की जानकारी दी। इसके बाद वह स्वजनों के साथ धनबाद थाना पहुंचा। पुलिस ने उसका ऑटो पांडे बरवा से बरामद किया है। पुलिस पूछताछ कर रही है। अभी इस संबंध में धनबाद थाना पुलिस अनुसंधान कर रही है।

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