यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar के बाद अब I.N.D.I.A को लगेगा दूसरा झटका? चुनाव से पहले 'गेम' बिगाड़ सकती है ये पार्टी
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HighLights
- कई संसदीय सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी पार्टी- बृंदा करात
- झारखंड में पकड़ वाली सीटों पर लड़ेंगे चुनाव- बृंदा करात
जागरण संवाददाता, दुमका। संथाल परगना में एक भी बांग्लादेशी घुसपैठिया नहीं है। भाजपा राजनीतिक बयानबाजी कर अपनी राजनीति करना चाहती है। भाजपा डरी हुई है। इसलिए, लालच व डर दिखाकर दूसरे दलों के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर रही है। यह बात सीपीआइ (एम) की पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात ने मंगलवार को परिसदन में मीडिया से बात करते हुए कहीं।
उन्होने कहा कि पिछले 10-15 सालों से लगातार इस क्षेत्र में आ रही हूं और अक्सर यह कहा जाता है कि संथाल परगना के कुछ इलाके में बांग्लादेशी प्रवेश कर गए हैं। यह बिल्कुल गलत है। अगर ऐसा है तो केंद्र सरकार के विंग हैं क्या कर रहे हैं। केंद्र सरकार और भाजपा का एक ही एजेंडा है कि जो उसकी बात नहीं मानता है, उसे अर्बन नक्सल या बांग्लादेशी घुसपैठिया बता देती है।
भाजपा चुनाव मैदान में जाने से काफी भयभीत- बृंदा करात
बृंदा करात ने कहा कि लोकसभा चुनाव नजदीक है। भाजपा चुनाव मैदान में जाने से काफी भयभीत है। यही वजह है कि दूसरे दलों के नेताओं को शामिल करने के लिए ईडी, सीबीआइ और आयकर जैसी एजेंसियों के माध्यम से डरा रही है। नेताओं को जेल भेजा जा रहा है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी इन लोगों ने जेल भेजा है।, जो भाजपा का दामन थाम रहे हैं, उन्हें पाक साफ साबित कर दिया जाता है। भाजपा दूसरे दल के नेताओं को अपने में शामिल करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टी के साथ जनता को एकजुट होना होगा ताकि लोकतंत्र पर विश्वास नहीं रखने वाली इस पार्टी को सत्ता से दूर किया जा सके। भाजपा ने लोकतंत्र को आइसीयू में पहुंचा दिया है। मोदी सरकार हर जगह पैसे का खेल खेल रही है। नरेंद्र मोदी अपने भाषण में जो मित्रों शब्द का प्रयोग करते हैं। अब समझ में आ रहा है यह शब्द किनके लिए होता है। एक तरफ वे 'न खाएंगे न खाने देंगे' का नारा लगाते हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और ही है। मौके पर राज्य सचिव प्रकाश विप्लव और सचिव एहतेशाम अहमद मौजूद थे।
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झारखंड में पकड़ वाली सीटों पर लड़ेंगे चुनाव- बृंदा करात
बृंदा करात ने आगे कहा कि लोकसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। वामपंथी दल झारखंड की कई संसदीय सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगा। इससे पहले झामुमो-कांग्रेस से सीट तय करने पर बात होगी। यदि दोनाें दल सीट देने के लिए तैयार नहीं होंगे तो उन सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारा जाएगा, जहां सीपीआइए की पकड़ है।