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    दुमका: अब बासुकीनाथ की शिवगंगा नहीं होगी मैली, 26.43 लाख की लागत से लगेगा वाटर फिल्टरेशन प्लांट

    Updated: Mon, 15 Jun 2026 07:31 PM (IST)

    दुमका के उपायुक्त के निर्णय से बासुकीनाथ की शिवगंगा में अब वाटर फिल्टरेशन प्लांट लगाया जा रहा है। यह स्थायी समाधान श्रद्धालुओं को श्रावणी मेला में स्व ...और पढ़ें

    अब बासुकीनाथ की शिवगंगा नहीं होगी मैली (AI Generated Image)

    अब बासुकीनाथ की शिवगंगा नहीं होगी मैली (AI Generated Image)

    HighLights

    1. शिवगंगा में वाटर फिल्टरेशन प्लांट लगाने का निर्णय।

    2. 26.43 लाख की लागत से स्थायी स्वच्छता का उपाय।

    3. श्रावणी मेला से पहले श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल।

    राजीव, बासुकीनाथ। अब बासुकीनाथ की शिवगंगा मैली नहीं होगी और यहां आने वाले श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर खुशी महसूस करेंगे। दरअसल गंदगी, प्रदूषण और गाद की वजह से बासुकीनाथ की शिवगंगा को हर वर्ष साफ कराना पड़ता था। गंदगी और प्रदूषण के कारण श्रद्धालुओं को इसमें आस्था की डुबकी लगाने में परेशानी होती थी।

    इनकी आस्था को ठेस पहुंचती थी। ऐसे में श्रावणी मेला शुरू होने से ठीक पहले शिव गंगा का प्रदूषित पानी निकाल कर इसमें जमे गाद, कचरा, अपशिष्ट पदार्थों की साफ-सफाई कराकर इसमें स्वच्छ पानी भराने की कवायद कमोबेश हर वर्ष करनी पड़ती थी।

    अब हर वर्ष होने वाले इस जतन से स्थायी छुटकारा के लिए दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने शिव गंगा में वाटर फिल्टरेशन प्लांट लगवाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए तमाम प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई।

    वाटर फिल्टरेशन प्लांट लगाने के लिए शिव गंगा के पानी व गंदगी को बाहर निकाला जा रहा है। उम्मीद है कि आने वाले कुछेक दिनों में तमाम कार्यों को पूर्ण करा लिया जाएगा ताकि श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालु शिवगंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पूरी प्रसन्नचित्त मुद्रा में शिव की अराधना कर सकें।

    26 लाख 43 हजार रुपये की लागत से लग रहा वाटर फिल्टरेशन प्लांट

    बासुकीनाथ नगर पंचायत के माध्यम से शिव गंगा की साफ-सफाई और वाटर फिल्टरेशन प्लांट स्थापित कराने का काम हो रहा है। शिवगंगा की साफ-सफाई व जल निकासी मद में 10 लाख पांच हजार रुपये और वाटर फिल्टरेशन प्लांट को लगाने के लिए 26 लाख 43 हजार रुपये खर्च किया जा रहा है। इसके लिए नगर पंचायत बासुकीनाथ टेंडर आमंत्रित कर काम शुरू करा चुकी है।

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    यह है वाटर फिल्टरेशन की खासियत

    शिव गंगा को साफ व स्वच्छ बनाए रखने के लिए मल्टी-स्टेज फिल्टरेशन सिस्टम वाटर प्लांट लगाया जा रहा है। यह सिस्टम यांत्रिक, जैविक और पराबैंगनी तकनीकों के जरिए तालाब के पानी से मिट्टी, कचरा, शैवाल और हानिकारक बैक्टीरिया को साफ करेगा। यांत्रिक फिल्टर पानी में मौजूद ठोस कचरे, पत्तों, मिट्टी और गाद को छानकर बाहर निकालेगा।

    इसमें आमतौर पर फोम, स्पंज या जाल का प्रयोग किया जाता है। जैविक फिल्टर सूक्ष्म जीवों और अमोनिया जैसे रसायनों को साफ करेगा। इसमें अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो मछली के मल और सड़े हुए पौधों से निकलने वाले जहरीले पदार्थों को पौधों के लिए उपयोगी पोषक तत्वों में बदल देते हैं, जबकि यूवी स्टरलाइजर उपकरण से गुजरने वाले पानी पर पराबैंगनी किरणें डाली जाती हैं जो पानी में मौजूद तैरते हुए शैवाल और हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करेगा।

    शिवगंगा में लगने वाला वाटर फिल्टरेशन प्लांट की खासियतों में बायोलाजिकल फिल्टर, सैंड फिल्टर, एमपीएवी टीएम, आक्सीजन कोन, क्वाटंम 110 वाट, एमपीवी एसएम, पंप दो एचपी और दो मीडिया फिल्टर का अधिष्ठापन किया जा रहा है।

    हर वर्ष शिवगंगा की साफ-सफाई करानी पड़ती थी। प्रदूषित जल में डुबकी लगाने में श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसलिए इस वर्ष यह निर्णय लिया गया है कि शिव गंगा को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए स्थायी व ठोस व्यवस्था बहाल किया जाए। इसी के मद्देनजर वाटर फिल्टरेशन प्लांट शिवगंगा में स्थापित किया जा रहा है। इससे शिवगंगा स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त रहेगी और श्रद्धालुओं की परेशानी भी खत्म होगी। - अभिजीत सिन्हा, उपायुक्त, दुमका