यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छिपकली गिरने से जहरीला हुआ खाना, खाकर एक के बाद एक परिवार के 6 लोग हुए बेहोश, जैसे-तैसे पहुंचाया गया अस्पताल
झारखंड के दुमका में छिपकली गिरा हुआ खाना खाने से एक ही परिवार के छह लोग बीमार पड़ गए। इनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि ये सभी बेहोश हो गए। बाद में इन्हें ह ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, दुमका। सदर प्रखंड दुमका के रामपुर पंचायत के डहरलंगी गांव के एक ही परिवार के छह लोगों की तबीयत गुरुवार को अचानक खाना खाने के बाद बिगड़ गई और सभी बेहोश हो गए। बाद में पता चला कि खाने में छिपकली गिर गई थी।
हालत बिगड़ने वालों में एक महिला समेत छह बच्चे शामिल
तबीयत बिगड़ने वालों में प्रेमशीला किस्कू और उनके पांच बच्चे सुमन हेम्ब्रम, निर्मल हेम्ब्रम, तूफान हेम्ब्रम, आशा हेम्ब्रम और राज हेम्ब्रम शामिल हैं। इन सबके तबीयत बिगड़ने की जानकारी रामपुर की स्वयं सहायता समूह की जनवितरण दुकानदार मेरी मुर्मू ने दुमका प्रखंड के बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा को दी।
होश में लाकर पहुंचाया गया अस्पताल
सूचना मिलते ही बीडीओ तुरंत चिकित्सा पदाधिकारी और एबुलेंस के साथ डहरलंगी गांव पहुंचे। मौके पर चिकित्सा पदाधिकारी ने सभी का प्राथमिक जांच की और फिर इन्हें होश में लाकर एंबुलेंस से फूलो-झानो मेडिकल कालेज व अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इन सबका इलाज चल रहा है और सभी खतरे से बाहर हैं। मौके पर रामपुर पंचायत के मुखिया भी मौजूद थे।
खाने में छिपकली गिरने से पहले भी लोग हो चुके हैं बीमार
हालांकि, यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि इससे संबंधित खबरें कई बार सामने आ चुकी हैं, जिसमें खाने में छिपकली गिरने से लोग बीमार पड़ गए हैं।
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बीते साल बिहार के आरा के उदवंतनगर थाना के सोनपुरा गांव में खाने में छिपकली गिरने से एक ही परिवार के छह सदस्य बीमार पड़ गए। बाद में सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसे लेकर काफी देर अफरा-तफरी मची रही। इससे भी पहले बलिया में छिपकली गिरे चावल का सेवन करने के बाद एक ही परिवार के तीन लोग बीमार पड़ गए थे
नहीं होती हैं छिपकलियां जहर
गौरतलब है कि दुनिया में छिपकलियों की तीन हजार से अधिक प्रजातियां हैं। इनमें से भारत में पाई जाने वालींं छिपकलियां जहरीली नहीं होती हैं। हालांकि, उनकी त्वचा में जहर होता है। यही वजह है कि छिपकलियों के काटने से जहर नहीं फैलता है, लेकिन अगर ये खाने-पीने की किसी चीज में गिर जाती हैं, तो वह जहरीला हो जाता है।