विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नई शिक्षा नीति के तहत SKMU में बड़ा बदलाव, 12 नए पीजी विभागों की मिली मंजूरी; 125 हुए टीचरों के पद

By Rajeev RanjanEdited By: Shashank Baranwal
Published: Wed, 10 Jun 2026 03:57 PM (IST)

सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय (SKMU) में नई शिक्षा नीति के तहत 12 नए स्नातकोत्तर विभागों को मंजूरी मिली है, जिससे कुल पीजी विषयों की संख्या 33 हो गई है।

एसकेएमयू का मुख्य द्वार

एसकेएमयू का मुख्य द्वार

HighLights

  1. एसकेएमयू में 12 नए स्नातकोत्तर विभागों को मंजूरी।

  2. कुल पीजी विषयों की संख्या 21 से बढ़कर 33 हुई।

  3. शिक्षकों के 73 से बढ़कर 125 पद स्वीकृत हुए।

जागरण संवाददाता, दुमका। झारखंड सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा के व्यापक पुनर्गठन के तहत किए गए कालेज एवं विश्वविद्यालय रिस्ट्रक्चरिंग के बाद अब सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल में जबरदस्त बदलाव दिखना तय है।

राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय के दिग्घी कैंपस में 12 नए स्नातकोत्तर विभागों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इस मंजूरी के बाद अब विश्वविद्यालय में संचालित स्नातकोत्तर विषयों की संख्या 21 से बढ़कर 33 तक पहुंच जाएगा।

नई व्यवस्था के बाद अब एसकेएमयू केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आधुनिक, व्यावसायिक, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।

सरकार द्वारा जिन नए विषयों में स्नातकोत्तर विभाग खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई है उनमें होम साइंस, खोरठा, सांख्यिकी, जियोलाजी, एनवायरमेंटल साइंस, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, लीगल स्टडीज, एजुकेशन, क्रिएटिव एंड परफार्मिंग आर्ट, लाइब्रेरी एंड इंफार्मेशन साइंस, फारेन लैंग्वेज तथा एंथ्रोपोलॉजी को शामिल किया गया है।

रोजगारोन्मुखी एवं आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा

एसकेएमयू में पहली बार पत्रकारिता एवं जनसंचार, विदेशी भाषा, लीगल स्टडीज, लाइब्रेरी साइंस और क्रिएटिव एंड परफार्मिंग आर्ट जैसे आधुनिक एवं रोजगार आधारित विषयों की शुरुआत होने जा रही है। इससे संताल परगना के विद्यार्थियों को अब उच्च शिक्षा के लिए पलायन करने की विवशता पर रोक लगेगी।

विशेष रूप से पत्रकारिता, विदेशी भाषा और कानूनी अध्ययन जैसे विषय युवाओं के लिए नए करियर का अवसर खोलेंगे। जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, लीगल स्टडीज, एजुकेशन, फिजिकल एजुकेशन और फॉरेन लैंग्वेज की पढ़ाई स्व-वित्तपोषित मोड में संचालित होगी। इन विभागों के लिए सरकार द्वारा विभागीय अनुमोदन के साथ अधिकतम नामांकन क्षमता को भी मंजूरी दी गई है।

कई विषयों में शिक्षकों के नए पद सृजित

सरकार के स्तर से केवल विभागों की स्वीकृति ही नहीं दी गई है बल्कि कई नए विषयों में शिक्षकों के पद भी सृजित किए गए हैं। होम साइंस, खोरठा, सांख्यिकी, जियोलाजी, एनवायरमेंटल साइंस, क्रिएटिव एंड परफार्मिंग आर्ट, लाइब्रेरी एंड इंफार्मेशन साइंस और एंथ्रोपोलाजी जैसे विषयों में विभाग, नामांकन क्षमता तथा शिक्षकों के स्थायी पदों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसके अलावा जियोग्राफी, सोशियोलाजी, संस्कृत और उर्दू जैसे विभाग जो वर्षों से बिना स्वीकृत पदों के संचालित हो रहे थे उनमें भी अब शिक्षकों के पद सृजित कर दिए गए हैं। इससे इन विभागों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

शिक्षकों के पदों में बड़ा इजाफा

नई संरचना के तहत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। पहले विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 34 पद स्वीकृत थे जो अब बढ़कर 64 हो जाएंगे। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के पद 26 से बढ़कर 37 तथा प्रोफेसर के पद 13 से बढ़कर 24 हो गए हैं।

इस प्रकार विश्वविद्यालय में कुल शैक्षणिक पदों की संख्या 73 से बढ़कर 125 हो गई है। खास बात यह भी कि नई व्यवस्था के तहत विश्वविद्यालय में कई ऐसे विभाग होंगे जहां स्नातक (यूजी), स्नातकोत्तर (पीजी) और पीएचडी स्तर तक की पढ़ाई एक ही परिसर में उपलब्ध होगी। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

एसकेएमयू में अब निम्न विभागों में ये पाठ्यक्रम संचालित होंगे

विभाग का नाम उपलब्ध पाठ्यक्रम
डिपार्टमेंट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म यूजी, पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ लीगल स्टडीज यूजी एवं पीजी
डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन केवल पीजी (एमएड)
डिपार्टमेंट ऑफ फिजिकल एजुकेशन केवल पीजी (एमपीएड)
डिपार्टमेंट ऑफ संताली पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ खोरठा पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ होम साइंस पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ क्रिएटिव एंड परफार्मिंग आर्ट पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफार्मेशन साइंस यूजी, पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ फारेन लैंग्वेज (फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश) यूजी, पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ कामर्स पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ इकोनामिक्स पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एमबीए
डिपार्टमेंट ऑफ हिंदी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ उर्दू पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ संस्कृत पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ अंग्रेजी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ मनोविज्ञान पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ दर्शनशास्त्र पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ एंथ्रोपोलॉजी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ सोशियोलॉजी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एमसीए
डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरमेंटल साइंस पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ इतिहास पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ राजनीति विज्ञान पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ बॉटनी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ जूलॉजी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ जियोलॉजी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ जियोग्राफी पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ फिजिक्स पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ केमिस्ट्री पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ मैथ पीजी एवं पीएचडी
डिपार्टमेंट ऑफ स्टेटिस्टिक्स पीजी एवं पीएचडी

यह भी पढ़ें- दुमका में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, बालू उठाव पर 15 अक्टूबर तक रोक

यह भी पढ़ें- झरिया में ओबी डंपिंग पर बवाल: ग्रामीण और कंपनी समर्थकों के बीच विवाद, मारपीट और हवाई फायरिंग के आरोप

सरकार का यह निर्णय संताल परगना के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलेगा। इससे विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार और रोजगार आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा आने वाले वर्षों में एसकेएमयू की मजबूत पहचान कायम होगी।

-

डॉ. दीपक दास, पीआरओ, एसकेएमयू, दुमका

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।