गढ़वा में पहली बारिश ने ही खोली पोल, सड़क से ऊपर बना दी नाली; लोगों के घरों में घुसा पानी
पहली मानसून बारिश ने गढ़वा में सड़क और नाली निर्माण की अनियमितताओं को उजागर कर दिया है, जिससे मुख्य सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में जलजमाव हो गया है। ...और पढ़ें

बारिश का पानी घरों में घुस रहा
HighLights
पहली बारिश में गढ़वा में जल निकासी की पोल खुली।
सड़क से ऊंची नालियों से घरों में घुसा पानी।
विधायक की शिकायत के बावजूद प्रशासन ने नहीं लिया संज्ञान।
संवाद सहयाेगी, गढ़वा। मानसून की पहली वर्षा ने ही जिला मुख्यालय में सड़क व नाली निर्माण में बरती गई अनियमितता की पोल खोल कर रख दी है। गढ़वा मुख्य पथ में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गुरुवार को लोगों को सड़क पर जलजमाव की स्थिति का सामना करना पड़ा।
वहीं चिनियां रोड शिव मंदिर के समीप बनाए गए नाली से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण आस पास का इलाका जलमग्न हो गया। लोगों को वहां से गुजरने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जगह जगह पर जलजमाव का सामना करना पड़ा
सदर अस्पताल के आस पास के क्षेत्र में भी लोगों को जलजमाव की स्थिति झेलनी पड़ी। वहीं नई बनी मुख्य पथ में लोगों को जगह जगह पर जलजमाव का सामना करना पड़ा। इस कारण वाहन चालकों एवं पैदल चलने वाले लोग परेशान रहें।
मुख्य पथ में सड़क एवं नाली निर्माण में संवेदक द्वारा बरती जा रही अनियमितता से गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने पहले ही संवेदक व जिला प्रशासन को अवगत करायया था बावजूद इसके जलनिकासी को लेकर संज्ञान नहीं लिया गया।
जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क से ऊपर नाली का निर्माण किए जाने के कारण वर्षा का पानी सड़क पर ही जमा हो जा रहा है।
घरों में घुस रहा बारिश का पानी
जिन लोगों के घर सड़क से नीचे हो गए है। उनके घरों में वर्षा का पानी घुस जा रहा है। जिससे लोग परेशान हैं। मुख्य पथ के अलावा शहर के कलवार मोहल्ला, नमक पटटी, सोनपुरवा के विभिन्न इलाके, सहिजना, चिनियां रोड में भी लोगों को जलजमाव की समस्या से रूबरू होना पड़ा। मालूम हो कि इस क्षेत्र के लोग वर्षों से जलजमाव की समस्या झेल रहे हैं। मगर समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। वर्षा के दिनों में यह समस्या विकराल रूप ले लेती है।
लोगों का कहना है कि हमारी चिंता किसी को नहीं है अब पूरे वर्षा के मौसम में हम परेशान रहेंगे। हमें अपने घर तक जाने के लिए पानी के बीच जाना होगा। जिला प्रशासन व नगर परिषद इस पर संज्ञान लें।