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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

साहस, विश्वास व चरित्र को बनाएं मजबूत

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Updated: Tue, 31 Jan 2017 08:30 PM (IST)

गिरिडीह : मानव कल्याण की बात और विद्यालय से मिले संस्कार को हमेशा याद रखें। मानव संवेदना ही व्यक्ति

साहस, विश्वास व चरित्र को बनाएं मजबूत
साहस, विश्वास व चरित्र को बनाएं मजबूत

गिरिडीह : मानव कल्याण की बात और विद्यालय से मिले संस्कार को हमेशा याद रखें। मानव संवेदना ही व्यक्ति को आगे ले जाती है। साहस, विश्वास और चरित्र को आप मजबूत बनाएं, क्योंकि अब आप समाज के बीच जा रहे हैं। यह बात विद्या भारती के अखिल भारतीय प्रशिक्षक अशोक कुमार पंडा ने कही। वह मंगलवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा में 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित दीक्षा समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यह पल सदैव यादगार रहता है, क्योंकि विद्यालय जीवन लौटकर नहीं आता है। आप जब महाविद्यालय में प्रवेश करेंगे तो कई चुनौतियां सामने आएंगी। सही तरीके से मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण मानव दानव बन जाता है। वर्तमान समय में मनुष्य संवेदनहीन होता जा रहा है, यह बहुत ही ¨चताजनक स्थिति है। आपका व्यक्तित्व ही आपकी पहचान है। डा. कलाम की बातों को आत्मसात करते रहे कि मैं सर्वोत्तम हूं, सभी कार्य करने के लिए समर्थ हूं, ईश्वर सदा मेरे साथ-साथ हैं, मेरा विजय सुनिश्चित है एवं आज का दिन मेरा दिन है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि पंडा एवं विभाग प्रमुख गोपेश घोष ने समारोह का उद्घाटन किया।

प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा ने कहा कि आज की बेला में विद्यालय की ओर से दी जाने वाली अंतिम शिक्षा है, जो आपके भविष्य को संवारने में मददगार साबित होगी। आप तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करें। सकारात्मक सोच और धुन ही आपकी सफलता का राज है। लक्ष्य का चयन सोच समझकर करें।

मौके पर छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया। संचालन ऋत्या कपिस्वे एवं कोमल शर्मा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रदीप कुमार ¨सह ने किया। मौके पर अशोक कुमार ओझा, राजीव सिन्हा, ममता सिन्हा, राजीव रंजन, संदीप सिन्हा, निशा श्रेष्ठ, विकास कुमार, अजीत कुमार मिश्रा आदि उपस्थित थे।