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    हजारीबाग के जंगल से गिरिडीह पहुंचा हाथियों का झुंड, वन विभाग ने कहा-अनावश्यक घर से बाहर न निकलें

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 03:29 PM (IST)

    Giridih Elephant Menace: बिरनी प्रखंड में हाथियों का झुंड आतंक मचा रहा है, जिसने घरों और फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। ...और पढ़ें

    गिरिडीह के बिरनी में हाथियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए माइकिंग करता वन विभाग का कर्मी।

    गिरिडीह के बिरनी में हाथियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए माइकिंग करता वन विभाग का कर्मी।

    HighLights

    1. हाथियों ने बिरनी के कई गांवों में मचाया आतंक।

    2. वन विभाग ने घरों से न निकलने की अपील की।

    3. दो महीने में हाथियों के हमले से दो मौतें।

    संवाद सहयोगी, बिरनी (गिरिडीह)। झारखंड के हजारीबाग और कोडरमा जिले के सीमा क्षेत्र में फैले पपीलो जंगल से आए हाथियों के झुंड का आतंक गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के विभिन्न गांवों में जारी है। हाथियों ने पिछले दो दिनों में कई घरों और चारदीवारी को ध्वस्त करने के साथ-साथ फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। 

    हाथियों का झुंड रविवार रातभर खरटी, वेणुसारण, टाटो, जटाडीह और घुज्जी में विचरण करता रहा। जंगल से बाहर निकालने के लिए वन विभाग के कर्मी लगातार प्रयासरत हैं। सोमवार सुबह झांझ, डबरी बमबारी, कलहजोरी, रूपीडीह, भटआसिंघा होते हुए जरीडीह जंगल में डेरा डाल चुके हैं।

    वन विभाग के कर्मी जंगल के चारों ओर तैनात हैं और स्थिति को देखते हुए गांव-गांव में अलर्ट जारी किया गया है। क्षेत्र में हाथियों की उपस्थिति के कारण लोगों में दहशत का आलम है।

    गांवों में माइक से की जा रही है अपील

    गिरिडीह के डीएफओ पश्चमी और रेंजर के निर्देश पर वन विभाग के कर्मी योगेंद्र प्रसाद, अबोध महथा, बिरेन्द्र प्रसाद आदि ने प्रभावित गांवों में माइक के जरिए लगातार एलाउंस कर रहे हैं।

    ग्रामीणों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी जा रही है। वनकर्मियों ने कहा कि आपके क्षेत्र में हाथियों का झुंड प्रवेश कर चुका है, इसलिए सभी लोग सतर्क रहें।

    खेत में काम के दौरान भी सावधानी रखें

    वन विभाग ने किसानों से खास अपील की है कि यदि खेतों में काम करना जरूरी हो तो हाथियों के झुंड पर नजर रखें। खेत पर जाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं जंगल से हाथी बाहर तो नहीं निकल रहे हैं। अकेले खेत या जंगल की ओर न जाएं और हाथी दिखने पर तुरंत शोर मचाकर वन विभाग को सूचना दें।

    घुज्जी-खरटी-बेनुशरण, जरीडीह जंगल में हाथियों का डेरा

    फिलहाल हाथियों का झुंड घुज्जी-खरटी और बेनुशरण के जंगल में डेरा जमाए हुए है। वन विभाग की टीम रात-दिन निगरानी कर रही है और हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रही है।

    खबरें और भी

    प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें और हाथियों के साथ छेड़छाड़ न करें।

    प्रभावित गांवों में ग्रामीण रतजग कर रहे हैं

    हाथियों के आतंक से प्रभावित गांव चानो, रजमनियाँ, मुरैना, जटाडीह, घुज्जी, खरटी, वेणुसारण, कपिलो, पन्दनाकला, बंगराकला, दलांगी, लेवरा, बेहराबाद, बाराटांड़, गुड्डीटांड, पन्दनाखुर्द, माखमरगो, बंगराखुर्द, कररी, हरदिया, घोरमारा, चिंतनखारी, बेलना, ताराटांड, जमुनियांटांड, परतमाधाम, बाराडीह, पिपराडीह, झरखी, बरांय, केशोडीह, खुरजियो, गारागुरो, कुसमय, शाखाबार, कल्याणपुर, मंझिलाडीह, जरीडीह आदि के ग्रामीण रातभर जागकर आग जलाकर रखते हैं ताकि हाथियों का झुंड गांव में प्रवेश न कर सके।

    दो महीने में 2 की मौत 

    बिरनी के विभिन्न गांवों में हाथियों के झुंड ने 9 मई से लेकर जुलाई माह तक एक महिला और एक पुरुष को मौत के घाट उतार दिया है। सरकार ने जान के बदले 10 लाख की मुआवजा राशि घोषित की है। 9 मई को बंगराकला के पेमा साव की पत्नी रधिया देवी को हाथियों ने कुचलकर मार दिया। 12 जुलाई को एक अधेड़ सेंट्रिंग मिस्त्री रामचन्द्र यादव की भी जान ले ली।