गिरिडीह में बढ़ा हाथियों का आतंक, अधेड़ को कुचलकर मार डाला
झारखंड के गिरिडीह जिले में जंगली हाथियों का आतंक बढ़ गया है, जहां बिरनी प्रखंड में 50 वर्षीय रामचंद्र यादव को हाथियों ने कुचलकर मार डाला। ...और पढ़ें

गिरिडीह के बिरनी प्रखंड में विचरण करता हाथियों का झुंड। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
गिरिडीह में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है।
बिरनी में 50 वर्षीय रामचंद्र यादव की हाथी हमले में मौत।
मानव-हाथी संघर्ष गिरीडीह के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है।
संवाद सहयोगी, बिरनी (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ते जा रहा है। आए दिन हाथी जंगलों से निकल कर निकटवर्ती गांवों में धमक पड़ते हैं। जानमाल की छति करते हैं। रविवार देर रात भी हाथी हमले में एक अधेड़ की माैत हो गई।
गिरिडीह के बिरनी प्रखंड के माखमरगो पंचायत अंतर्गत कररी गांव में हाथियों के हमले से एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय रामचंद्र यादव के रूप में हुई है। वे पेशे से स्ट्रिंग मिस्त्री थे। घटना रविवार देर रात करीब 11बजे की है।
जानकारी के अनुसार रामचंद्र यादव सरिया से काम निपटाकर घर कररी वापस लौट रहे थे। इसी क्रम घर से करीब 500 मीटर दूर गांव में ही हाथियों के झुंड ने उन्हें कुचल कर मार डाला। माैके पर ही उनकी माैत हो गई।
जानकारों का कहना है कि भोजन और आवास की तलाश में जंगलों से निकलकर हाथियों के झुंड गांवों और खेतों में पहुंच रहे हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। फसलों की बर्बादी, मकानों को नुकसान और लोगों की मौत व घायल होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।़
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वन विभाग की निगरानी और राहत उपायों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। मानव-हाथी संघर्ष अब गिरीडीह के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है और प्रभावी रणनीति की मांग तेज हो गई है।