गिरिडीह की बेटी का कमाल, BPSC में 36वीं रैंक के साथ SDO बनीं काजल कुमारी
BPSC: गिरिडीह के धनवार की काजल कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 36वीं रैंक हासिल कर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) का पद प्राप्त किया है। ...और पढ़ें

धनवार की बेटी काजल कुमारी।(फोटो-साैजन्य)
HighLights
काजल कुमारी ने 70वीं बीपीएससी में 36वीं रैंक हासिल की।
उन्हें अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) पद के लिए चुना गया।
उनकी सफलता ने गिरिडीह और धनवार क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।
संवाद सूत्र, धनवार (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के धनवार नगर पंचायत स्थित राजा चौक निवासी काजल कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। काजल ने परीक्षा में 36वीं रैंक प्राप्त की है और उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) पद के लिए हुआ है।
काजल धनवार के व्यवसायी रंजीत प्रसाद कसेरा और सरिता देवी की पुत्री हैं। परिणाम घोषित होते ही परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचकर बधाई देने लगे। काजल की इस उपलब्धि को धनवार और पूरे गिरिडीह जिले के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है।
मेहनत और अनुशासन से हासिल की सफलता
काजल कुमारी की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने लगातार मेहनत और समर्पण के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की, जिसका परिणाम उन्हें शानदार सफलता के रूप में मिला।
उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं में नया उत्साह पैदा हुआ है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं काजल को प्रेरणास्रोत के रूप में देख रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद लगन और आत्मविश्वास के सहारे बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
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क्षेत्र में खुशी का माहौल, लोगों ने दी बधाई
काजल कुमारी के एसडीओ पद के लिए चयनित होने की खबर मिलते ही पूरे धनवार क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। स्वजन, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी काजल को शुभकामनाएं दी हैं।
लोगों का कहना है कि उनकी सफलता से धनवार की पहचान और मजबूत हुई है। साथ ही यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं को उच्च प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित करेगी। काजल की इस सफलता को पूरे गिरिडीह जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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