Giridih SIR: वोटर लिस्ट से कट गया नाम तो क्या करें? चुनाव आयोग ने दिया मौका, ऐसे जुड़वा सकेंगे नाम
Jharkhand SIR Draft Roll: गिरिडीह में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। मतदा ...और पढ़ें

SIR के तहत मतदाता सूची का प्रकाशन। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
गिरिडीह में मतदाता सूची से 2.75 लाख नाम हटे।
फॉर्म-6 और घोषणा पत्र भरकर नाम दोबारा जुड़वाएं।
बीएलओ द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य होगा।
मिंकु कुमार , हीरोडीह (गिरिडीह)। Jharkhand SIR: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन हो चुका है। इसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम नहीं हैं। गिरिडीह जिले में ही 2,75,560 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
हालांकि, घबराने की जरूरत नहीं है। जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए होंगे, उन्हें दोबारा सूची में शामिल किया जा सकेगा। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से व्यवस्था की गई है।
प्रारूप मतदाता सूची में यदि आपका नाम नहीं है या विलोपित सूची में चला गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं को दोबारा मतदाता सूची में शामिल होने का अवसर दिया है। इसके लिए प्रपत्र-6 भरना होगा। लेकिन इस बार केवल आवेदन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसके साथ दो पृष्ठों का घोषणा पत्र भी जमा करना अनिवार्य रहेगा।
विवरण, क्या-क्या भरना होगा घोषणा पत्र में
घोषणा पत्र में आवेदक को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, माता-पिता या पति-पत्नी का वरण, उपलब्ध होने पर ईपीआईसी नंबर तथा पहले किसी मतदाता सूची में नाम दर्ज होने की जानकारी देनी होगी।
साथ ही यह शपथ भी देनी होगी कि उसने किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण नहीं की है और उसका नाम किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। गलत जानकारी देने जनप्रतिनिधित्व पर अधिनियम,1950 की धारा-31 के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
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बीएलओ करेंगे सत्यापन
घोषणा पत्र जमा होने के बाद संबंधित बीएलओ उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उसका सत्यापन करेगा। यदि पुराने रिकॉर्ड से जानकारी का मिलान नहीं होता है तो निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी आवेदक से जन्म तिथि, जन्म स्थान अथवा भारतीय नागरिकता से संबंधित दस्तावेज मांग सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने जन्म वर्ष के आधार पर दस्तावेजों की अलग-अलग व्यवस्था की है। वहीं पहचान और नागरिकता के प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, परिवार रजिस्टर, सरकारी पहचान पत्र, भूमि आवंटन पत्र, जाति प्रमाणपत्र सहित अन्य निर्धारित दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे।