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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विपक्षी अड़ंगा लगाते रहें, हम अपना काम करते रहेंगे : हेमंत, गिरिडीह में सभा को संबोधित करते हुए गरजे मुख्‍यमंत्री

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Tue, 05 Dec 2023 09:26 AM (IST)

    झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरिडीह में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक तरफ विपक्ष को निशाना साधा तो दूसरी ...और पढ़ें

    गिरिडीह में सभा को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन।
    गिरिडीह में सभा को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन।

    जासं, गिरिडीह। गिरिडीह में आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 20 वर्षों तक पूर्व की सरकारों ने झारखंड को बीमार बनाकर रखा था, लेकिन अब यह पिछड़ा राज्य नहीं रहेगा। तीन वर्षों में स्थिति काफी सुधरी है। सब कुछ ठीक ठाक रहा और कोई आपदा नहीं आई तो पांच वर्षों में यह देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा।

    हमारी सरकार चला रही हैं कई योजनाएं: सीएम

    सीएम ने कहा कि विपक्षी अड़ंगा लगाते रहें, हम अपना काम करते रहेंगे। यहां के युवाओं को लगातार नौकरी दे रहे हैं और आगे भी देंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कई योजनाएं चला रही है। कई योजनाएं शुरू करने वाली है, लेकिन इसमें आर्थिक समस्या आड़े आती हैं।

    झारखंड का कोयला रायल्टी मद का एक लाख 36 हजार करोड़ रुपये केंद्र के पास बकाया है। मांगने पर ईडी और सीबीआई पहुंच जाती है। अगर इतने पैसे मिल जाते तो यहां के 50 लाख गरीबों को अबुआ आवास, 15-20 लाख युवाओं को स्वरोजगार के लिए 10-10 लाख रुपये का ऋण, 500 रुपये में गैस सिलिंडर राज्य सरकार देती। 15 हजार उत्कृष्ट विद्यालय बनाते और 10 लाख सरकारी पदों पर बहाली भी करते।

    झारखंड के बिजली का बकाया नहीं दे रहा केंद्र: सीएम सोरेन

    राज्य के पास डीवीसी का 12 हजार करोड़ बकाया है तो बिजली काटनी शुरू कर दी। राष्ट्रपति के आने पर बिजली काट दी जाती है, ताकि राज्य सरकार की नाक कटे।

    बिजली का बकाया रिजर्व बैंक के खाते से खुद काट लिया जाता है, लेकिन झारखंड का बकाया केंद्र नहीं दे रहा है। एक-डेढ़ साल में राज्य सरकार जिलों में खुद बिजली संरचना तैयार करेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने कर्मचारियों की पेंशन का सौदा कर लिया था, लेकिन हमने कर्मियों की पुरानी पेंशन को वापस किया।

    गांव मजबूत होंगे, तभी राज्‍य होगा मजबूत: हेमंत सोरेन

    सभी के लिए था मंच, विपक्ष के नेता नहीं आए विपक्ष के सांसद-विधायक की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंच सभी के लिए था। विपक्ष को भी यहां आना था, लेकिन ऐसे मंच में वे लोग नहीं आते हैं। यह इस राज्य का दुर्भाग्य है।

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    राज्य बनने के बाद पदाधिकारी और कर्मी गांव नहीं जाते थे, लेकिन अब समय बदल गया है। पदाधिकारियों और कर्मियों को योजनाओं की गठरी लेकर आपके दरवाजे तक भेजा जा रहा है। इस गठरी से आप अपनी जरूरत की योजना को ले सकते हैं। राज्य की 80 प्रतिशत आबादी गांवों में है। गांव मजबूत होंगे तभी राज्य मजबूत होगा।

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