गिरिडीह के डुब्बा जंगल में लिथियम भंडार की संभावना, उच्चस्तरीय टीम ने किया निरीक्षण
Lithium Discovery in Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले के डुब्बा जंगल में लिथियम सहित अन्य बेशकीमती खनिजों की संभावना पर व्यापक सर्वेक्षण चल रहा है। कें ...और पढ़ें

गिरिडीह में लिथियम की संभावित भंडार की जांच करती जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम।
HighLights
गिरिडीह के डुब्बा जंगल में लिथियम सहित खनिजों का सर्वेक्षण जारी।
GSI और खान मंत्रालय की टीम ने स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
लिथियम की पुष्टि से क्षेत्र का आर्थिक विकास संभव होगा।
संवाद सूत्र, जागरण, तिसरी (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत डुब्बा आसनातरी जंगल में लिथियम सहित अन्य बेशकीमती खनिज संपदा मिलने की संभावना को लेकर व्यापक सर्वेक्षण कार्य जारी है। केंद्रीय जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) की टीम पिछले कई महीनों से क्षेत्र में सक्रिय रूप से जांच कर रही है।
इसी क्रम में भारत सरकार के खान मंत्रालय के उप महानिदेशक आसित साहा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम ने डुब्बा जंगल पहुंचकर स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद टीम ने तिसरी गेस्ट हाउस में एकत्रित नमूनों की भी जांच की।
जानकारी के अनुसार, लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व असुरहड्डी पहाड़ी क्षेत्र में पत्थर माफिया द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा था। इस दौरान पोखराज, गोमेद और त्रिमुल्ली जैसे कीमती पत्थरों की तस्करी की खबरें सामने आई थीं। प्रशासन की सख्ती के बाद माफिया क्षेत्र छोड़कर भाग गए, लेकिन अब भी क्षेत्र में उनकी सक्रियता को लेकर आशंका बनी हुई है।
वन विभाग और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की संयुक्त निगरानी में पिछले छह माह से खनिज संपदा की गहन पड़ताल की जा रही है। विभिन्न स्थानों पर बोरिंग कर मिट्टी और पत्थरों के नमूने एकत्रित किए जा रहे हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए भेजा गया है। लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज की संभावित उपलब्धता को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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इस पूरे अभियान के दौरान प्रशासन भी सतर्क है। मौके पर अंचल अधिकारी अखिलेश प्रसाद और पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
जिलाधिकारी रामनिवास यादव ने बताया कि भू-वैज्ञानिकों की टीम वैज्ञानिक तरीके से जमीन स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं और क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। यदि लिथियम भंडार की पुष्टि होती है, तो यह क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
लिथियम और इसका उपयोग
लिथियम एक अत्यंत हल्की धातु है, जिसका रासायनिक प्रतीक Li और परमाणु संख्या 3 है। यह क्षारीय धातुओं के समूह में आता है और बहुत प्रतिक्रियाशील होता है। लिथियम का उपयोग मुख्य रूप से बैटरियों, खासकर रिचार्जेबल लिथियम-आयन बैटरियों में किया जाता है।
इसके अलावा यह औषधियों, कांच और सिरेमिक उद्योग में भी प्रयुक्त होता है। इसकी कम घनत्व और उच्च ऊर्जा क्षमता इसे आधुनिक तकनीक में महत्वपूर्ण बनाती है।