विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जन्म के 24 घंटे बाद सरकारी अस्पताल में नवजात की मौत, स्वजन ने किया बवाल; जांच का आदेश

Published: Sat, 17 Jan 2026 05:48 PM (IST)

गिरिडीह के डुमरी रेफरल अस्पताल में जन्म के 24 घंटे बाद एक नवजात की मौत हो गई। स्वजनों ने चिकित्साकर्मियों ...और पढ़ें

जन्म के 24 घंटे बाद सरकारी अस्पताल में नवजात की मौत

जन्म के 24 घंटे बाद सरकारी अस्पताल में नवजात की मौत

HighLights

  1. डुमरी अस्पताल में नवजात की 24 घंटे बाद मौत।

  2. स्वजनों ने चिकित्साकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया।

  3. अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए।

संवाद सहयोगी, डुमरी (गिरिडीह)। जामतारा स्थित मातृत्व व शिशु स्वास्थ्य केंद्र रेफरल अस्पताल डुमरी में शनिवार को एक नवजात की मौत के बाद स्वजन ने हंगामा किया। साथ ही आक्रोशित होकर अस्पताल के पूछताछ केंद्र की खिड़की का शीशा तोड़ दिया। 

स्वजन का आरोप था कि चिकित्सक व नर्स ने नवजात के स्वास्थ्य पर कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजतन लापरवाही से नवजात असमय काल के गाल में समा गया। घटना के बाद मृतक नवजात के स्वजन का रो रो कर बुरा हाल था।

जन्म के समय बच्चे का वजन दो किलो 320 ग्राम

बताया जाता है कि इसरी बाजार के पंजाबी टोला निवासी छोटू कुमार की पत्नी 20 वर्षीय रिया देवी को प्रसव पीड़ा होने के बाद शुक्रवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे अस्पताल लाया गया। वहां पूर्वाह्न 11:30 बजे रिया ने एक बच्चे को जन्म दिया। जन्म के समय बच्चे का वजन दो किलो 320 ग्राम था। 

स्वजन का आरोप है कि जन्म के बाद से ही बच्चे की तबीयत खराब होने लगी।चिकित्सक व नर्स को इस बाबत बताने के बावजूद कोई नहीं आया और सभी ने उन्हें जवाब दिया कि हम क्या करें। बच्चे को स्वयं संभालिए। 

इलाज न करने का आरोप

बच्चे के पिता का आरोप है कि रात लगभग दो बजे बच्चे के कराहने पर उन्होंने इसकी जानकारी ड्यूटी में तैनात नर्स को दी। नर्स कुंती ने कहा ड्यूटी डॉक्टर और हम दोनों पूरी ईमानदारी से करते हैं। मरीज के अभिभावक ने ऐसी कोई सूचना नहीं दी। सुबह 7:45 बजे तक बच्चे की मां ने स्तनपान करवाया है। उसके बाद हम घर चले गए।

स्वजन का आरोप है कि रात में किसी चिकित्सक व नर्स ने नवजात का इलाज नहीं किया। सुबह जब चिकित्सक जुनैद को दिखाया तो बताया कि नवजात की मृत्यु हो चुकी है। 

लापरवाही करने वाले पर कार्रवाई की चेतावनी

रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजेश महतो ने बताया कि महिला का प्रसव नर्स गीता ने कराया था। रात में नर्स कुंती की ड्यूटी थी व चिकित्सक के रूप डॉ पावेल पराशर थे। अगली सुबह डाक्टर जुनैद की ड्यूटी थी। नवजात की मौत सुबह 11:40 बजे हुई है। नवजात पूरी तरह स्वस्थ था और नियमानुसार 24 घंटे के बाद प्रसूता व शिशु को अस्पताल से डिस्चार्ज करना था। 

अब 24 घंटा स्वस्थ रहने के बाद बच्चे की मौत हो जाती है। ऐसा किस कारण से हुआ। यह जांच का विषय है। यदि घटना में किसी भी स्वास्थ्य कर्मी की लापरवाही सामने आएगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि मामले की जानकारी सीएस को दे दिए हैं। जांच कमेटी बना कर पूरे मामले की जांच करने का आग्रह किए हैं।



देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।