Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand : गर्भ में पल रहे जीवित बच्‍चे को मृत बताकर 7 हजार की ठगी, वॉश कराने के नाम पर जीएनएम ने ऐंठे पैसे

    By Arijita SenEdited By: Arijita Sen
    Updated: Wed, 13 Sep 2023 11:43 AM (IST)

    गोड्डा के पोड़ैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। यहां की जीएनएम गंगोत्री पर गर्भ में पल रहे जीवित बच्‍चे को मृत ...और पढ़ें

    गर्भ में पल रहे जीवित बच्‍चे को मृत बताकर 7 हजार की ठगी
    गर्भ में पल रहे जीवित बच्‍चे को मृत बताकर 7 हजार की ठगी

    जासं, गोड्डा। जिले के देवडांड़ थाना क्षेत्र के बांझी गांव के रहने वाले मोहम्मद हसीब अंसारी ने पोड़ैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जीएनएम पर इलाज के नाम पर जबरन उगाही का आरोप लगाया है। मो. हबीब अंसारी का कहना है कि उनकी गर्भवती पुत्रवधू के पेट में पल रहे शिशु को खराब बताकर जीएनएम ने वाॅश करने के नाम पर उनसे 7000 रुपये लिए।

    जीएनएम ने पैसे ऐंठने के लिए कहा झूठ

    इसकी शिकायत उन्होंने गोड्डा के सिविल सर्जन डा. अनंत कुमार झा से की है। सिविल सर्जन को आवेदन के माध्यम से बताया है कि वह बीते 28 अगस्त को गर्भवती पुत्रवधू को लेकर रुटीन चेकअप के लिए पोड़ैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए थे। वहां डाॅक्टर ने कुछ दवाइयां और जांच लिखी। दवा लेकर दोनों घर आ गए।

    तीन सितंबर को घर में कामकाज के दौरान भारी सामान उठाने के कारण महिला को ब्लीडिंग हुई। वह पुनः उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। वहां जीएनएम गंगोत्री कुमारी ड्यूटी पर थी। उसे समस्या से अवगत कराया गया। उसने रोगी पर्ची नहीं बनाया।

    बस रजिस्टर में पुत्रवधू का नाम दर्ज कराया और सीधे अंदर जांच के लिए लेकर चली गई। जांच के बाद उसने कहा कि उसका बच्चा खराब हो गया है, वाॅश करना पड़ेगा। इसके लिए 10 से 12 हजार रुपये फीस लगेगा।

    खबरें और भी

    पेट में पल रहे बच्‍चे का वॉश कराने के नाम पर ठगी

    ससुर और पुत्रवधू ने जीएनएम से अनुनय विनय किया। अंत में सात हजार रुपये भुगतान के बाद जीएनएम ने महिला का कथित रूप से वाॅश किया। इलाज के बाद चार सितंबर को महिला को फिर पेट में दर्द होने लगा। पुनः उसने अपना चेकअप कराया।

    गोड्डा के निदान पैथोलाजी में बीते छह सितंबर को अल्ट्रासाउंड कराने के बाद सच का खुलासा हुआ। पैथोलाॅजी में स्टाफ और डाॅक्टर बोले कि आपकी पुत्रवधू का बच्चा बिल्कुल सही सलामत है। वह अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेकर फिर जीएनएम गंगोत्री से मिले।

    यह भी पढ़ें: Ayushman Bhav Campaign: झारखंड में भी होगी ‘आयुष्मान भव’ की शुरुआत, लाखों लोगों का अब मुफ्त में होगा इलाज

    सच का खुलासा होने पर पीड़ित ने वापस मांगे पैसे

    पूछा कि आपने 7000 रुपये किस बात के लिए। कौन सा वाॅश किया। बच्चा सही सलामत है। जीएनएम बोली कि बच्चा खराब हो गया है। मो. हबीब अंसारी ने उससे 7000 रुपये वापस करने की मांग की।

    इस पर गंगोत्री नहीं मानी। कहा कि जहां शिकायत करनी है करो, मेरा कुछ नहीं होगा। तुम्हारे पास क्या सबूत है कि तुम्‍हारी बहू का वाॅश मैंने किया है। क्या सबूत है कि तुमने 7000 रुपये दिए है।

    पीड़िता के ससुर ने आवेदन की प्रति पोड़ैयाहाट की चिकित्सा प्रभारी सहित उपायुक्त और स्थानीय विधायक प्रदीप यादव को दी है।

    आवेदन सौंप कर रुपये वापस करने और दोषी जीएनएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। इधर आरोपित जीएनएम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।

    मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो इसके खिलाफ जांच कर दोषी जीएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकारी अस्पताल में इलाज, दवा, जांच आदि की निश्शुल्क व्यवस्था रहती है। हर किसी को यह सुविधा दी जाती है। डा अनंत कुमार झा, सिविल सर्जन, गोड्डा।

    यह भी पढ़ें: हैंडपंप में मांस धोने से मना किया तो ग्रामीण को पहनाई गई जूते-चप्‍पल की माला, ग्राम प्रधान सहित चार गिरफ्तार