यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Transfer Posting: झारखंड में कई Sub Inspector होंगे इधर से उधर, अधिकारियों के ट्रांसफर की ये रही लिस्ट
लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को आदेश दे दिया है कि तीन साल से जमे पुलिस पदाधिकारियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों को दूसरे जिले में ...और पढ़ें

HighLights
- गाइडलाइन में जिले के 16 में से 14 थाना प्रभारी भी शामिल
- 57 पुलिस अवर निरीक्षक, 4 सर्किल इंस्पेक्टर सहित सार्जेंट मेजर शामिल
संवाद सहयोगी, गोड्डा। लोकसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार को आदेश दे दिया है कि तीन साल से जमे सभी पुलिस पदाधिकारियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों को दूसरे जिले में भेजना है। निर्वाचन आयोग के पत्र में कहा गया है कि 30 जून 2024 को तीन साल की अवधि पूर्ण करने वाले सभी पदाधिकारी को 31 जनवरी 2024 तक स्थानांतरित कर चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजना है।
चुनाव आयोग की गाइडलाइन के तहत जिले में ऐसे 57 पुलिस अवर निरीक्षक और चार सर्किल इंस्पेक्टर सहित सार्जेंट मेजर शामिल हैं। सभी को दूसरे जिले में भेजने की तैयारी पुलिस मुख्यालय की ओर से पूरी कर ली गई।
गाइडलाइन में जिले के 16 में से 14 थाना प्रभारी शामिल
तीन साल से अधिक समय तक जिले में पदस्थापित कुछ डिप्टी कलक्टर भी शामिल हैं, जिनका तबादला होना है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस महकमा में 2018 बैच के 42 अवर निरीक्षक, सीमित परीक्षा से प्रोन्नत हुए दस अवर निरीक्षक के अलावा लगभग पांच विभागीय प्रोन्नति वाले सब इंस्पेक्टर शामिल है। इसके अलावा चार पुलिस निरीक्षक सहित मेजर व सार्जेंट को भी तबादला सूची में शामिल किया गया है।
निर्धारित गाइडलाइन में जिले के 16 में से 14 थाना प्रभारी भी शामिल हैं। वैसे थानेदार जिनका तबादला होना है उनमें मुफस्सिल, सुंदरपहाड़ी, पोड़ैयाहाट, मोतिया ओपी, पथरगामा, देवडांड़, राजाभिट्ठा, महगाामा, हनवारा, बोआरीजोर, ठाकुरगंगटी, मेहरमा, बलबड्डा, बसंतराय थाना के थानेदार शामिल है। वहीं, पुलिस अंचल में पथरगामा, मेहरमा, बोआरीजोर, महागामा के इंस्पेक्टर का तबादला होगा जबकि पोड़ैयाहाट अंचल के निरीक्षक का प्रोन्नति के कारण स्थानांतरण हो सकता है।
माना जा रहा है कि 20 जनवरी या इसके पहले ये सभी पदाधिकारियों का तबादला हो जाएगा। साल के पहले माह में जिला पुलिस को नए पुलिस अधिकारियों की टीम मिलेगी। वर्तमान में अधिकांश अधिकारी लगभग चार साल या इससे अधिक समय तक जिले में जमे हुए है।
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ट्रांसफर-पोस्टिंग पर राजनीतिक दलों की भी नजर
गोड्डा जिला राज्य भर में राजनीतिक दृष्टिकोण से सबसे ज्यादा संवदेनशील माना जाता है। इसे लेकर कई बार जिला राज्य भर में चर्चा में रह चुका है। आने वाले फरवरी माह के अंतिम सप्ताह या मार्च के प्रथम सप्ताह तक लोक सभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लगने की संभावना है। चुनाव नजदीक आते ही यहां राजनीतिक गतिविधि भी बढ़ने लगी है।
ऐसे में चुनाव के ऐन वक्त पर होने वाले तबादले पर राजनीतिक दलों की भी नजर टिकी हुई है। इसके साथ ही राजनीतिक दल इस बात को ध्यान में रख रहे है कि अधिकारी कहीं किसी दल विशेष के प्रभाव में तो काम नहीं कर रहे है। ऐसे में आने वाले समय में कई स्तर से पारदर्शिता भी बरतनी होगी।
पूर्व में विभिन्न राजनीतिक दल अपने अपने हिसाब से अधिकारी की चुनाव आयोग से शिकायत भी करते रहे हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव से लेकर काउंटिंग तक प्रशासनिक दृष्टिकोण से पारदर्शिता पर लोगों की पैनी नजर रहेगी।