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    गोड्डा-पीरपैंती रेल प्रोजेक्ट फेज-2: 32 KM बिछेगी पटरी, किसानों को 20 जुलाई से मिलेगा जमीन का पैसा

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 07:47 PM (IST)

    गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना के दूसरे चरण में महगामा से पीरपैंती तक 502 एकड़ जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 20 जुलाई से शुरू होगी, जिसमें रैयतों को मुआवजा ...और पढ़ें

    32 KM बिछेगी पटरी, किसानों को 20 जुलाई से मिलेगा जमीन का पैसा

    32 KM बिछेगी पटरी, किसानों को 20 जुलाई से मिलेगा जमीन का पैसा

    HighLights

    1. दूसरे चरण में महगामा से पीरपैंती तक रेलखंड बनेगा।

    2. 502 एकड़ जमीन अधिग्रहण कर रैयतों को मुआवजा मिलेगा।

    3. परियोजना की लागत 2500 करोड़, सांसद दूबे की भूमिका अहम।

    अविनाश, गोड्डा। गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना के दूसरे चरण में महगामा से पीरपैंती तक रेलखंड का निर्माण किया जाना है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। इस रेलखंड के निर्माण के लिए कुल 502 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।

    इसी माह 20 जुलाई से रेल परियोजना के निर्माण कार्य के लिए महगामा, मेहरमा और बोआरीजोर में कैंप लगाया जाएगा, जहां रैयतों से बंध पत्र आदि लिए जाएंगे। इसके बाद रैयतों के खातों में भुगतान किया जाएगा।

    29 मौजा में होगा जमीन अधिग्रहण:

    जिला भू अर्जन कार्यालय के अनुसार, इस परियोजना को पूरा करने के लिए जिले के तीनों प्रखंडों के कुल 29 मौजा में जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें मेहरमा के 27, महगामा के 1 और बोआरीजोर के 1 मौजा शामिल हैं। दूसरे चरण के रेलखंड पर महगामा, मेहरमा और मड़पा के तीन स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।

    32 किमी तक रेल पटरी बिछाई जाएगी:

    इस चरण में कुल 32 किमी तक रेल पटरी बिछाई जाएगी, जिसमें 23 किमी झारखंड क्षेत्र में और 9 किमी बिहार के पीरपैंती क्षेत्र में होगी। 23 किमी के क्षेत्र के रैयतों के बीच मुआवजे की राशि देने की प्रक्रिया 20 जुलाई से शुरू की जाएगी।

    महगामा में 20 जुलाई से और मेहरमा में 21 से 23 जुलाई तक भुगतान के लिए कैंप का आयोजन किया जाएगा। सभी कैंप महगामा और मेहरमा अंचल कार्यालय में लगाए जाएंगे।

    सांसद निशिकांत दूबे की महती भूमिका:

    गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना में सांसद डॉ. निशिकांत दूबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह परियोजना उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस रेलखंड के निर्माण के लिए सांसद ने काफी प्रयास किए हैं।

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    कुछ समय के लिए यह योजना ठप हो गई थी, जिसे सांसद ने अपने प्रयासों से पुनर्जीवित किया। इस परियोजना के निर्माण में रैयतों के मुआवजे का इंतजाम रेलवे द्वारा किया गया है।

    2500 करोड़ रुपये से पूरी होगी परियोजना:

    इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 1384 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 2500 करोड़ हो गई है। गोड्डा से महगामा तक पहले ही रेलखंड के निर्माण कार्य की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य भी आरंभ हो चुका है। इस रेलखंड की कुल लंबाई 27.5 किमी है। दूसरे चरण में झारखंड के क्षेत्र में 23 किमी तक पटरी बिछाई जानी है।

    कोचिंग डीपो का पहले से निर्माण कार्य:

    इसके अलावा, इसी परियोजना क्षेत्र में कोचिंग डिपो का निर्माण कार्य भी पूरा होने के कगार पर है, जहां कुछ महीनों में ट्रेनों का रखरखाव शुरू होगा। इसके चालू होने से गोड्डा से कई ट्रेनों के परिचालन की संभावना बढ़ जाएगी।

    पहले चरण का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया समाप्त हो रही है। मुआवजा दिए जाने के बाद रेलवे दूसरे चरण में भी काम आरंभ कर देगा। सभी टेंडर हो चुके हैं। - हेमंत कुमार मिश्रा, वरिष्ठ रेलवे अभियंता