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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'देखीं सरकार हमरो करेजा पर घट्ठा बा...' जब लालू को देख भीड़ हो गई थी बेकाबू, कमीज फाड़कर दिखाया था कलेजे का घट्ठा

    Updated: Mon, 29 Apr 2024 10:01 AM (IST)

    Lalu Prasad Yadav 1991 के मध्यावधि चुनाव में लालू यादव ने ताड़ी टैक्स माफी पर खूब राजनीति की थी। उस दौरान चुनाव प्रचार में गोड्डा के बाद चांदन (वर्तम ...और पढ़ें

    राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की फाइल फोटो।
    राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. 1991 के मध्यावधि चुनाव में लालू, शिबू और सूरज की तिकड़ी ने किया था धुआंधार प्रचार
    2. संताल परगना की तीन सीटों के साथ गिरिडीह, चाईबासा और जमशेदपुर में झामुमो का दिखा था जलवा
    3. ताड़ी टैक्स माफी पर लालू प्रसाद यादव ने खूब की थी राजनीति, गोड्डा में जीते थे सूरज मंडल

    विधु विनोद, गोड्डा। Lalu Prasad Yadav : वर्ष 1991 के मध्यावधि चुनाव में एकीकृत बिहार में लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav), शिबू सोरेन (Shibu Soren) और सूरज मंडल (Suraj Mandal) की तिकड़ी का धुआंधार प्रचार हुआ था। तब गोड्डा के ब्लाॅक मैदान के बाद बांका के चांदन में लालू की सभा हुई थी। 90 के दशक में लालू प्रसाद के मुख्यमंत्रित्व काल में एकीकृत बिहार में दो प्रचलित टैक्स पाम ट्री टैक्स और वाटर टैक्स को लेकर खूब चर्चा होती थी।

    लालू ने किया पाम ट्री टैक्‍स माफ 

    1991 के लोकसभा चुनाव प्रचार में लालू प्रसाद यादव गोड्डा संसदीय क्षेत्र के गोड्डा ब्लाॅक मैदान में चुनावी सभा के बाद सूरज मंडल के साथ ही चांदन (वर्तमान में बांका जिला, बिहार) पहुंचे थे।

    वह इलाका यादव बहुल होने के साथ ही पासी आबादी बहुल भी है। लालू ने अपने ठेठ देसी अंदाज में भाषण देना शुरू किया और भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि लोग कहते हैं कि लालू ने क्या किया? अरे लालू ने सबसे पहला काम किया कि पाम ट्री टैक्स (Palm Tree Tax) माफ किया।

    लालू को सुनकर बेकाबू हुई भीड़

    पहले सरकारी जमीनों पर उगे ताड़ के पेड़ों से ताड़ी उतारने के लिए लोगों को टैक्स देना होता था। अंचल कार्यालय की ओर से ताड़ी टैक्स वसूला जाता था।

    वहीं सुल्तानगंज से पीरपैंती तक मुगलों के जमाने से चला आ रहा वाटर टैक्स जैसी इंस्पेक्टरी व्यवस्था में पिछड़ी जाति के लोगों का मानसिक से लेकर शारीरिक शोषण भी होता था। लालू की इस बात को सुनकर भीड़ बेकाबू होकर जिंदाबाद के नारे लगाने लगी थी।

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    लालू से भीड़ ने दिखाया करेजा पर घट्ठा

    गोड्डा के पूर्व सांसद सूरज मंडल कहते हैं कि लालू प्रसाद भीड़ की नब्ज पकड़ने के माहिर खिलाड़ी हैं। गरम लोहे पर चोट करते हुए लालू ने कहा था कि यहां के पासी भाई दिखाएं कि ताड़ के पेड़ में चढ़ने पर उनके करेजा पर घट्ठा (त्वचा के ऊपर ऐसा घाव जिसमें कुछ दूर तक चमड़ी कड़ी और काली हो जाती है) पड़ा है कि नहीं।

    लालू बोले, हाथ उठावअ...। जैसे ही भीड़ ने हाथ उठाया, लालू ने तपाक से कहा कि करेजा पर घट्ठा होई त देखावे के पड़ी। फिर क्या था भीड़ में शामिल तमाम पासी समाज के लोग कुर्ता- कमीज का बटन खोलने की बजाय सीधे फाड़ कर लालू को दिखाने लगे कि देखीं सरकार हमरो करेजा पर घट्ठा बा।

    यह सुन पूरी भीड़ उतावली हो गई और चारो ओर गगनभेदी नारे गूंजने लगे। चुनावी सभा में लालू ने अपने तत्कालीन चुनाव निशान चक्र को भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र से जोड़ा था। वहीं, झामुमो के निशान तीर-कमान को भगवान श्रीराम के तीर-धनुष से जोड़ा। परिणाम यह रहा कि सूरज मंडल रिकार्ड वोट से जीते थे।

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