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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोहत्या पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम समाज ने की पहल

By Sachin MishraEdited By:
Updated: Fri, 28 Apr 2017 05:09 PM (IST)

यहां मुसलमान अब गाय की खरीद-बिक्री नहीं करते हैं। गोकशी यहां सामाजिक रूप से प्रतिबंधित है।

गोहत्या पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम समाज ने की पहल
गोहत्या पर रोक लगाने के लिए मुस्लिम समाज ने की पहल

डॉ. प्रणेश, गोड्डा। झारखंड का गोड्डा जिला आंदोलनकारियों की धरती रही है। 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और उसके बाद आजादी के लिए समय-समय पर हुए आंदोलनों में यहां के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अब यही धरती पूरे देश को एक नया संदेश देने की तैयारी में है। संभव है अगले कुछ दिनों में पूरे जिले में गोहत्या पर रोक लग जाए। ऐसा किसी के भय से नहीं बल्कि आपसी रजामंदी से होगा। इसके लिए यहां का मुस्लिम समाज लगातार बैठक कर रहा है।

ठाकुरगंगटी व बोआरीजोर में इस मसले पर बैठक हो चुकी है। इन दोनों प्रखंडों के मुसलमान अब गाय की खरीद-बिक्री नहीं करते हैं। गोकशी यहां सामाजिक रूप से प्रतिबंधित है। पकड़े जाने पर समाज ही उन्हें दंडित करेगा। अगर वे मान गए तो ठीक वरना गोकशी करनेवाले को पुलिस के हवाले किया जा सकता है। आने वाले कुछ दिनों में बसंतराय, पथरगामा, गोड्डा, पोड़ैयाहाट आदि प्रखंडों में बैठक होगी। वहां के मुस्लिम समुदाय के लोगों को गोकशी बंद करने के लिए आग्रह किया जाएगा। पूरे जिले में इस पर रोक लगने के बाद यहां के मुसलमान अगल-बगल के जिलों में जाएंगे और वहां के लोगों को इसके लिए प्रेरित करेंगे। इस प्रकार गोकशी बंदी को एक आंदोलन का रूप देने की योजना है।

बुद्धिजीवियों ने की पहल

पूरे देश में गोहत्या पर प्रतिबंध की उठ रही मांग और इस मामले में आए दिन हो रहे विवाद को देखते हुए जिले के कुछ मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने इसके लिए पहल की है। पहले जिले के मुस्लिम समाज के गिने-चुने लोगों ने आपस में विमर्श किया। बाद में ठाकुरगंगटी व बोआरीजोर के ललमटिया में बैठक हुई। हालांकि इस समाज के कुछ लोग तो इससे भी आगे की बात सोच रहे हैं। ठाकुरगंगटी के भगैया स्थित मदरसा के मौलवी मुर्तजा अंसारी कहते हैं कि हकतलफी पर शरीयत में रोक है।

उनका कहना है कि गाय का दूध बछड़े के लिए है, लेकिन, लोग उसे जबरन निकाल लेते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। बछड़े के पीने के बाद जो दूध बचता है, उसी का इस्तेमाल करना चाहिए। ललमटिया स्थित मिल्लत स्कूल के सचिव अबुल हसन कहते हैं कि गाय को खरीदने-बेचने पर देश में कई जगह विवाद हो चुके हैं। पूरे देश में गोहत्या पर प्रतिबंध की मांग उठ रही है। इसी के मद्देनजर इस पेशे में शामिल लोगों ने इस काम को छोड़ दिया है।

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गोहत्या पर लगेगी रोक

गोड्डा जिला पूरे देश को इस संबंध में एक संदेश देगा। शीघ्र ही जिले में गोहत्या पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। इसे एक आंदोलन का रूप दिया जाएगा और उसका विस्तार पूरे प्रदेश ही नहीं देशभर में किया जाएगा।

-अब्दुल बहाव शम्स, जिला परिषद सदस्य, बसंतराय

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