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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'विटामिन ए' है आंखों के लिए वरदान, बचपन से ही खाने में करेंगे शामिल तो कभी नहीं दिखेगा धुंधला, शरीर का भी होगा विकास

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Thu, 02 Nov 2023 11:05 AM (IST)

    आंखों से संबंधित परेशानी कम या ज्‍यादा लगभग सभी को होती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ स्थिति गंभीर होने लगती है। ऐसे में वक्‍त रहते आंखों का पर्याप्‍त ख्‍ ...और पढ़ें

    आंखों की सेहत के लिए विटामिन ए है बहुत जरूरी।
    आंखों की सेहत के लिए विटामिन ए है बहुत जरूरी।

    जागरण संवाददाता, गोड्डा। राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन गोड्डा की ओर से आसनबनी मुहल्ला एवं ग़ांधी नगर मुहल्ला में महिला आरोग्य समिति की बैठक की गई। इसमें विश्व दृष्टि दिवस पर प्रकाश डालते हुए एएनएम आराधना कुमारी ने बताया कि दृष्टिदोष बहुत तरह के होते हैं। जो अभी के समय में गलत खान-पान और दिनचर्या के कारण होता है।

    ये है निकट और दूर दृष्टि दोष

    निकट दृष्टिदोष में व्यक्ति पास की वस्तुओं को तो देख सकता है, लेकिन दूर की वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख सकता। यह तब होता है, जब आंख की पुतली लंबी हो जाती है। दूर दृष्टिदोष में व्यक्ति दूर की वस्तुओं को तो देख सकता है, लेकिन पास की वस्तुओं को स्पष्ट नहीं देख सकता।

    पीड़ित व्यक्ति पास की वस्तुओं को तिरछी नजर से देखता है। जरा दृष्टि दोष में आस-पास की वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता का क्रमिक नुकसान हो जाता है। इसके लक्षण आमतौर पर 40 साल की उम्र के आसपास शुरू होते हैं और 65 साल तक गंभीर हो जाते हैं।

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    आंखों की सेहत के लिए विटामिन ए जरूरी

    मोतियाबिंद में आंख का लेंस उत्तरोत्तर धुंधला होता जाता है। मोतियाबिंद में व्यक्ति के नेत्र के लेंस के ऊपर एक झिल्ली (अपारदर्शी हो जाना) बन जाती है। मोतियाबिंद से आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगती है।

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    बीटीटी बेबी कुमारी ने बताया कि आंखों के लिए विटामिन ए बेहद जरूरी है। विटामिन ए बच्चों की आंखों की रोशनी तथा उनके शारीरिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

    विटामिन ए प्राप्त करने के प्राकृतिक तरीकों को अपनाने के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली विटामिन ए की खुराक भी दी जानी चाहिए।

    विटामिन ए की खुराक बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। बच्चों के खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी एवं ताजी सब्जियां और पीली एवं नारंगी रंग के फल आदि शामिल करें।

    पालक और गाजर में विटामिन ए काफी मात्रा में पाया जाता है। मौके पर बीटीटी प्रहलाद कुमार, बेबी कुमारी, साहिया तर्रान्नम खातून, पूनम कुमारी एवं महिला आरोग्य समिति के सदस्य तथा वार्ड वासी उपस्थित थे।

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