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गुमला में भ्रष्टाचार पर ACB का शिकंजा, बीपीओ हरीश प्रजापति रिश्वत लेते गिरफ्तार

By Santosh KumarEdited By: Mansi Kumari
Published: Thu, 03 Sep 2026 03:56 PM (IST)

गुमला के पालकोट प्रखंड कार्यालय में बीपीओ हरीश प्रजापति को एसीबी ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार ...और पढ़ें

HighLights

  1. पालकोट बीपीओ हरीश प्रजापति रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।

  2. एसीबी ने तालाब निर्माण योजना में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़ किया।

जागरण संवाददाता, गुमला। प्रखंड कार्यालय पालकोट में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कार्रवाई करते हुए बीपीओ हरीश प्रजापति को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बीपीओ पर तालाब निर्माण योजना के काम को आगे बढ़ाने के एवज में लाभुक से 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, पालकोट मुस्लिम मोहल्ला निवासी मो. सहबूदिन मियां के नाम वित्तीय वर्ष 2021-22 में 100×100 फीट तालाब निर्माण की योजना स्वीकृत हुई थी। योजना के तहत काम कराने को लेकर लाभुक प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रहा था।

आरोप है कि बीपीओ हरीश प्रजापति द्वारा काम कराने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की गई। राशि नहीं देने पर काम को लेकर बार-बार टालमटोल किया जा रहा था।

इससे परेशान होकर लाभुक ने मामले की शिकायत एसीबी से की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने बीपीओ को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया।

बताया गया कि गुरुवार को बीपीओ प्रखंड कार्यालय में मौजूद था। योजना के काम के एवज में तय रिश्वत की राशि देने के लिए लाभुक वहां पहुंचा। जैसे ही लाभुक ने बीपीओ को रिश्वत के रूप में 10 हजार रुपये देने की कोशिश की, पहले किस्त के रूप में छह हजार रुपये की राशि दी गई। इसी दौरान पहले से घात लगाए एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए बीपीओ को रंगे हाथ पकड़ लिया।

एसीबी की कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी घटना की चर्चा होती रही। बीपीओ को हिरासत में लेकर टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई। घटना के बाद प्रखंड क्षेत्र में भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।