सुब्रतो कप जीतकर गुमला की बेटियों ने बढ़ाया मान, टीम को मिलेगा 5 लाख का इनाम; कोच और गोलकीपर भी होंगे सम्मानित
गुमला की संत पैट्रिक स्कूल की लड़कियों ने 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल कप अंडर-17 में तीसरी बार राष्ट्रीय चैंपियन का ...और पढ़ें

गुमला की बेटियों ने तीसरी बार सुब्रतो कप जीता। जागरण
HighLights
गुमला की बेटियों ने तीसरी बार सुब्रतो कप जीता।
फाइनल में मिजोरम की टीम को 2-0 से हराया।
जागरण संवाददाता, गुमला। गुमला की बेटियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जिले और झारखंड का नाम रोशन किया है। 65वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल कप के अंडर-17 बालिका वर्ग में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रही संत पैट्रिक स्कूल, गुमला की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया।
नई दिल्ली के डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेडियम में 27 अगस्त को खेले गए फाइनल मुकाबले में गुमला की बेटियों ने मिजोरम की एनसीसी टीम को 2-0 से पराजित कर तीसरी बार राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल मुकाबले में गुमला की खिलाड़ियों ने शुरू से ही आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ खेल का प्रदर्शन किया।
टीम ने बेहतर तालमेल और रणनीति के दम पर मिजोरम की टीम पर दबाव बनाए रखा। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के कारण गुमला की टीम ने दो गोल दागकर मुकाबला अपने नाम किया। जीत के बाद खिलाड़ियों, कोच और सहयोगी दल में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं, गुमला लौटने से पहले ही जिले के खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों के बीच इस ऐतिहासिक जीत को लेकर उत्साह का माहौल बन गया।
2022 में शुरू हुआ राष्ट्रीय खिताब का सफर
संत पैट्रिक स्कूल, गुमला की बालिका फुटबाल टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान लगातार मजबूत की है। वर्ष 2022 में 61वें सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल कप के दौरान टीम ने पहली बार राष्ट्रीय खिताब हासिल किया था।
फाइनल मुकाबले में गुमला की बेटियों ने मणिपुर को 3-1 से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। इसके बाद वर्ष 2023 में 62वें संस्करण में भी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। फाइनल में हरियाणा को 3-0 से हराकर गुमला की टीम लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय चैंपियन बनी।
अब वर्ष 2026 में 65वें संस्करण में मिजोरम को 2-0 से हराकर टीम ने तीसरी बार राष्ट्रीय खिताब अपने नाम कर लिया। लगातार राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन गुमला की बेटियों की प्रतिभा, कड़ी मेहनत, अनुशासन और नियमित अभ्यास का परिणाम माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने संत पैट्रिक स्कूल, गुमला की पूरी टीम, कप्तान, कोच एवं प्रशिक्षक बीना केरकेट्टा समेत टीम से जुड़े सभी सहयोगी सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गुमला की बेटियों ने अपनी प्रतिभा, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और उत्कृष्ट टीम भावना के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।
उपायुक्त ने कहा कि प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर तीसरी बार चैंपियन बनना पूरे गुमला जिले के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि प्रमाणित करती है कि जिले की बेटियों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता है।
उन्होंने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, खेल भावना और पूरे टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है।
विजेता टीम को पांच लाख रुपये कैश अवॉर्ड
राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद विजेता टीम के लिए पुरस्कार की भी घोषणा हुई है। सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल कप की ओर से विजेता टीम को पांच लाख रुपये की कैश प्राइज राशि प्रदान की गई। वहीं, टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बेस्ट गोलकीपर और कोच बीना केरकेट्टा को भी 50-50 हजार रुपये का कैश अवॉर्ड दिया गया।
इस पुरस्कार से खिलाड़ियों और टीम के सहयोगी सदस्यों में और उत्साह है। कोच बीना केरकेट्टा ने टीम की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी क्षमता के अनुरूप शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि टीम की मेहनत का परिणाम राष्ट्रीय चैंपियन के रूप में सामने आया है। उनका लक्ष्य गुमला को खेल के क्षेत्र में और ऊंचाई पर ले जाना है। उन्होंने कहा कि यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही प्रशिक्षण, बेहतर अवसर और निरंतर मार्गदर्शन देने की।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
राष्ट्रीय स्तर पर गुमला की बेटियों की इस उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों में खासा उत्साह है। राज्य सरकार की ओर से भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने भी खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
गुमला की बेटियों की यह उपलब्धि न केवल जिले की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिलाती है, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं। तीसरी बार राष्ट्रीय चैंपियन बनकर संत पैट्रिक स्कूल की टीम ने यह संदेश दिया है कि मेहनत, अनुशासन, सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के बल पर गुमला की बेटियां राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं।
