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 गुमला में स्कूली छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, बदमाशों ने बेरहमी से पीटा भी; हालत गंभीर होने पर RIMS रेफर

Published: Fri, 25 Sep 2026 06:03 PM (IST)

गुमला के पालकोट में एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जिसके बाद ...और पढ़ें

गुमला में 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म।

गुमला में 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म।

HighLights

  1. पालकोट में 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म।

  2. गंभीर हालत में पीड़िता को रिम्स रांची रेफर किया गया।

  3. पुलिस मामले की जांच कर रही, स्वजन ने उठाए सवाल।

संवाद सूत्र, पालकोट (गुमला)। पालकोट प्रखंड क्षेत्र में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता छठी कक्षा की छात्रा है और गुरुवार शाम से लापता थी।

घर के बाहर अर्धनग्न अवस्था में मिली पीड़िता

परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम बच्ची के घर नहीं लौटने पर उन्होंने अपने स्तर से उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। देर रात कुछ युवक छात्रा को उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गए।

बाहर आहट पाकर जब परिजनों ने देखा, तो बच्ची अर्धनग्न और बेसुध अवस्था में पड़ी थी। वे तुरंत उसे घर के अंदर ले गए। सदमे और दर्द के कारण वह बोलने की स्थिति में नहीं थी। परिजनों ने बताया कि उसके गले और शरीर पर चोट के गंभीर निशान भी मिले हैं।

कई अस्पतालों में भटके परिजन, आखिरकार रिम्स रेफर

घटना के बाद परिजन बच्ची को लेकर सबसे पहले नजदीकी कोलेबीरा अस्पताल (सिमडेगा) पहुंचे, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सिमडेगा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सिमडेगा में प्राथमिक उपचार के बाद शुक्रवार सुबह उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया।

हालांकि, परिजन उसे सीधे रिम्स ले जाने के बजाय गुमला सदर अस्पताल ले आए, जहां के चिकित्सकों ने भी प्राथमिक उपचार के बाद उसे रिम्स रेफर कर दिया। इसके बाद शुक्रवार शाम परिजन उसे लेकर रांची रिम्स पहुंचे।

परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल

पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि उसके साथ 4-5 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। इस बीच, परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उनका कहना है कि घटना की सूचना पालकोट थाना पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस या महिला पुलिसकर्मी को बच्ची के साथ रहकर मेडिकल प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई में सहयोग करना चाहिए था, जो नहीं किया गया।

क्या कहती है पुलिस?

इस मामले पर बसिया के एसडीपीओ शिव मरांडी ने बताया कि अभी तक थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। बच्ची को परिजनों द्वारा सीधे कोलेबीरा और फिर सिमडेगा अस्पताल ले जाया गया था।

फिलहाल मामले की छानबीन की जा रही है और घटना की पुष्टि होने पर दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बच्ची के होश में आने और पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।