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    7 साल का रहस्य, गुमला का पहला नार्को टेस्ट: क्या अब सामने आएगा संजीता की गुमशुदगी का सच?

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 05:18 PM (IST)

    गुमला की नाबालिग संजीता कुमारी के सात साल पुराने गुमशुदगी मामले में मुख्य आरोपित भुखली देवी का गुजरात में नार्को टेस्ट कराया जा रहा है। यह गुमला के इत ...और पढ़ें

    7 साल पुराने संजीता मिस्ट्री केस में बड़ा कदम, मुख्य आरोपित का गुजरात में होगा नार्को टेस्ट

    7 साल पुराने संजीता मिस्ट्री केस में बड़ा कदम, मुख्य आरोपित का गुजरात में होगा नार्को टेस्ट

    HighLights

    1. गुमला की संजीता कुमारी गुमशुदगी मामले में नया मोड़।

    2. मुख्य आरोपित भुखली देवी का गुजरात में नार्को टेस्ट।

    3. पुलिस को वैज्ञानिक जांच से अहम राज खुलने की उम्मीद।

    संवाद सहयोगी, गुमला। सात वर्षों से रहस्य बने गुमला सदर प्रखंड के खोरा जामटोली की नाबालिग संजीता कुमारी गुमशुदगी मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले की मुख्य आरोपित भुखली देवी को अहतू थाना पुलिस नार्को टेस्ट कराने के लिए गुजरात ले गई है।

    गुमला जिले के इतिहास में यह पहला मामला है, जिसमें किसी आरोपित का सच सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट कराया जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस वैज्ञानिक जांच से वर्षों से उलझे इस मामले के कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

    जानकारी के अनुसार, न्यायालय ने करीब एक माह पहले ही भुखली देवी के नार्को टेस्ट की अनुमति दे दी थी। स्वास्थ्य परीक्षण में फिट पाए जाने के बाद पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। न्यायालय ने पुलिस को 11 अगस्त तक आरोपित का नार्को टेस्ट कराने का निर्देश दिया था।

    इसी के तहत दो अगस्त को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अहतू थाना पुलिस उसे गुजरात लेकर रवाना हुई। गांधीनगर स्थित फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय में उसका नार्को टेस्ट कराया जाएगा।

    गौरतलब है कि सदर थाना क्षेत्र के खोरा जामटोली निवासी संजीता कुमारी वर्ष 2020 में मात्र 13 वर्ष की उम्र में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। इसके बाद से पुलिस ने स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उसकी तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया।

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    विभिन्न राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों तथा तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई, लेकिन संजीता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाल के दिनों में उच्च न्यायालय ने जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था।

    इसके बाद झारखंड की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा स्वयं गुमला पहुंची थीं और मामले की समीक्षा कर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। सभी पहलुओं की जांच के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से नार्को टेस्ट का सहारा लिया।

    पुलिस को विश्वास है कि वैज्ञानिक जांच से ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं, जो अब तक की जांच में सामने नहीं आ सके हैं। पूरे जिले की निगाहें अब नार्को टेस्ट की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे संजीता कुमारी के रहस्यमय ढंग से लापता होने की गुत्थी सुलझने की उम्मीद और बढ़ गई है।

    अहतू थाना प्रभारी राहुल कुमार दसौंधी ने बताया कि नार्को टेस्ट की रिपोर्ट जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। रिपोर्ट मिलने के बाद सात वर्षों से रहस्य बने इस गुमशुदगी कांड के कई अनसुलझे पहलुओं से पर्दा उठने की उम्मीद है।