गुमला में राशन डीलरों का प्रदर्शन, 50 हजार मासिक आय और लंबित कमीशन भुगतान की मांग
गुमला के जनवितरण प्रणाली डीलरों ने लंबित मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन ...और पढ़ें

गुमला में PDS डीलरों का प्रदर्शन। जागरण
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गुमला में PDS डीलरों ने लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
मासिक 50 हजार आय, लंबित कमीशन भुगतान की मुख्य मांग।
जागरण संवाददाता, गुमला। जिले के जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदारों ने लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को समाहरणालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम उपायुक्त दिलेश्वर महतो को ज्ञापन सौंपा।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन की जिला इकाई के अध्यक्ष अरखिता नंद देवघरिया, उपाध्यक्ष निमाज खान और सचिव तनवीर नाज के नेतृत्व में डीलरों ने ज्ञापन सौंपकर आर्थिक समस्याओं के समाधान की मांग की।
फेडरेशन ने कहा कि झारखंड के करीब 25 हजार पीडीएस दुकानदार सीमित आय में खाद्य वितरण व्यवस्था को संचालित कर रहे हैं। दुकान का किराया, बिजली बिल, सहायक का मानदेय सहित अन्य खर्च बढ़ने के बावजूद डीलरों की आय पर्याप्त नहीं है। ऐसे में दुकान संचालन और परिवार के भरण-पोषण को ध्यान में रखते हुए कम से कम 50 हजार रुपये मासिक आय सुनिश्चित की जाए।
डीलरों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस) के तहत लंबित कमीशन का 30 दिनों के भीतर भुगतान करने की मांग की। साथ ही प्रत्येक माह का खाद्यान्न संबंधित माह शुरू होने से पहले उपलब्ध कराने की मांग रखी। फेडरेशन ने मई 2025 से लागू स्मार्ट पीओएस और आहार पोर्टल में आ रही विसंगतियों को दूर करने की मांग भी की।
डीलरों के अनुसार, अगस्त से नवंबर 2025 के दौरान बिना अनाज दिए शत-प्रतिशत स्टाक प्राप्ति दर्ज होने जैसी तकनीकी समस्याओं से उन्हें परेशानी हुई है। उन्होंने ऐसी विसंगतियों का शीघ्र समाधान करने की मांग की। इसके अलावा डीलरों और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अबुआ स्वास्थ्य चिकित्सा योजना में शामिल करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से मांगों के लंबित रहने के कारण डीलरों में नाराजगी बढ़ रही है। यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो राज्य स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक करते हुए सरकार पर मांगें पूरी करने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
