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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दृढ़ इच्छा शक्ति... और बदल गई किसान की किस्मत, खेती से अब हो रही बंपर कमाई; दूसरों के लिए बने प्रेरणा

    By Santosh Kumar Edited By: Shashank Shekhar
    Updated: Mon, 19 Feb 2024 05:43 PM (GMT+05:30)

    झारखंड में भरनो प्रखंड के दक्षिणी भरनो पंचायत के पूर्व मुखिया टंगराटोली निवासी मुकेश उरांव उर्फ रतिया खेती कर जीवन में बदलाव ला रहा है। मेहनत और लगन स ...और पढ़ें

    दृढ़ इच्छा शक्ति... और बदल गई किसान की किस्मत, खेती से अब हो रही बंपर कमाई;
    दृढ़ इच्छा शक्ति... और बदल गई किसान की किस्मत, खेती से अब हो रही बंपर कमाई;

    HighLights

    1. सरसों का फसल भी तैयार हो रहा है- मुकेश
    2. मटर का डिमांड भी बाजार में काफी- मुकेश
    3. मेहनत से खेती के क्षेत्र में बेहतर किया जा सकता है- मुकेश

    प्रेम कुमार सिंह, भरनो(गुमला)। झारखंड में भरनो प्रखंड के दक्षिणी भरनो पंचायत के पूर्व मुखिया टंगराटोली निवासी मुकेश उरांव उर्फ रतिया खेती कर जीवन में बदलाव ला रहा है। मेहनत और लगन से मुकेश अपनी तकदीर लिखने में जुटा है। भरनो भदवा बगीचा में मुकेश अपने कड़ी मेहनत के बदौलत अपनी पांच एकड़ भूमि पर मटर और सरसों का खेती किया है। खेत में मटर और सरसों की फसल लहलहाने लगी है।

    हाइब्रिड मटर मटर के पौधों में भारी मात्रा में मटर लगी है तो सरसों में फल के साथ फुूल भी लगा हुआ है। एक ही कुआं के पानी के भरोसे मटर की खेती किया है। अगली बार इससे दोगुना भू-भाग में मटर की खेती करने की तैयारी है। खेती के कार्य के लिए मुकेश ने न तो किसी विभाग से सहयोग लिया है और न ही किसी से मदद। बस अपनी मजबूत इरादों के बल पर किसानी के काम में जुटकर बेहतर कार्य करने का संकल्प लिया है।

    खेती को लेकर क्या मुकेश ने क्या कहा

    मुकेश बताता है कि सरसों का फसल भी तैयार हो रहा है। सरसों का साग कई बार बेचा जा चुका है। मटर तोड़कर सिसई, भरनो बेड़ो और रांची की सब्जी मंडियों में बेचने के काम किया जा रहा है। हाइब्रिड मटर बाजार में 28 से लेकर 32 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है।

    उत्पादन अच्छा है इसलिए मुनाफा भी अच्छा हो रहा है। मटर का डिमांड भी बाजार में काफी है। मुकेश का मानना है कि मेहनत के बदौलत खेती के क्षेत्र में बेहतर किया जा सकता है। बस दृढ़ इच्छा शक्ति की जरुरत है। लोग मुकेश उरांव के इस प्रयास की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। वहीं, खेती करने के इच्छुक लोग मुकेश से खेती की जानकारी ले रहे हैं। मुकेश को कई किसान अपना प्रेरणा स्रोत मान रहे हैं।

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